इंडोनेशिया में फेरी में आग: 5 की मौत, 41 लोग लापता
भयानक समुद्री हादसा
नई दिल्ली: रविवार की सुबह, इंडोनेशिया के मदुरा द्वीप के निकट एक गंभीर समुद्री दुर्घटना हुई। सुराबाया से सुलावेसी की ओर जा रही एक यात्री फेरी में अचानक आग लग गई। इस घटना में अब तक 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 41 लोग अभी भी लापता हैं। फेरी में 250 से अधिक यात्री और क्रू मेंबर मौजूद थे।
दुर्घटना का विवरण
KMP मुतियारा सेंटोसा फेरी सुराबाया के तंजुंग पेराक बंदरगाह से सुलावेसी द्वीप के मकासर के लिए रवाना हुई थी। यात्रा शुरू होने के कुछ घंटों बाद, कैप्टन ने कंट्रोल रूम को आग लगने की सूचना दी। इसके तुरंत बाद फेरी से संपर्क टूट गया।
सुराबाया सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के अनुसार, फेरी सपुडी द्वीप के उत्तर में लगभग 19 नॉटिकल मील की दूरी पर मिली। जब तक बचाव दल वहां पहुंचा, जहाज आग की लपटों में घिर चुका था। यात्री जान बचाने के लिए ब्रिज और जहाज के आगे के हिस्से पर इकट्ठा हो गए थे और मदद का इंतजार कर रहे थे।
बचाव कार्य की प्रगति
आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के जहाज मदद के लिए पहुंचे। सुराबाया सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के प्रमुख नानांग सिगिट ने बताया, "TB हसनूर 26 और ब्रिटिश मेंटर उन यात्रियों को निकालने में लगे हैं जो KMP मुतियारा सेंटोसा 2 से समुद्र में कूद गए थे। वर्तमान में चार जहाज मौके पर मौजूद हैं।"
एक और बचाव जहाज SAR 249 परमाडी भी घटनास्थल की ओर भेजा गया है, लेकिन उसे वहां पहुंचने में लगभग 6 घंटे लगेंगे। लापता लोगों की खोज के लिए सर्च ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर फेरी से संबंधित कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में ऊपरी डेक से काला धुआं निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। दूसरे क्लिप में, लाइफ जैकेट पहने यात्री जहाज के एक तरफ इकट्ठा हैं। कुछ वीडियो में लोग घबराकर सीधे समुद्र में कूदते हुए भी नजर आ रहे हैं।
इन दृश्यों ने हादसे की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाया है। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी और कई लोगों के पास बचने के लिए कूदने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
जांच की प्रक्रिया
अधिकारियों ने बताया है कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि फेरी में आग कैसे लगी, सुरक्षा उपकरण सही से काम कर रहे थे या नहीं, और इमरजेंसी प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं।
इंडोनेशिया में फेरी हादसे पहले भी होते रहे हैं, लेकिन इस बार यात्रियों की इतनी बड़ी संख्या और खुले समुद्र में आग लगना इस घटना को और भी गंभीर बना देता है। फिलहाल, रेस्क्यू टीम का ध्यान लापता 41 लोगों को खोजने पर केंद्रित है। मौसम और समुद्र की स्थिति के कारण सर्च ऑपरेशन में कठिनाइयाँ आ रही हैं।