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इजराइल का ईरान की दवा फैक्टरी पर हमला: फेंटानिल की आपूर्ति का आरोप

इजराइल ने एक फैक्टरी पर हमला किया, जो ईरान को फेंटानिल की आपूर्ति कर रही थी। ईरान ने इस हमले की पुष्टि की, लेकिन दावा किया कि यह केवल चिकित्सा उपयोग के लिए दवाएं बनाती है। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। ईरान के विदेश मंत्री ने इजराइल पर युद्ध अपराध का आरोप लगाया है। जानें इस हमले के पीछे की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक निहितार्थ।
 

इजराइल का हमला

इजराइल ने हाल ही में एक फैक्टरी पर हमला किया, जो कथित तौर पर ईरान सरकार को फेंटानिल की आपूर्ति कर रही थी। यह जानकारी इजराइल ने बुधवार तड़के साझा की।


ईरान ने तोफीघ डारू फैक्टरी पर हमले की पुष्टि की, लेकिन उसने यह भी कहा कि यह केवल अस्पतालों में उपयोग होने वाली दवाओं की आपूर्ति करती है, जो चिकित्सा प्रक्रियाओं में काम आती हैं।


यह हमला मंगलवार को हुआ था, जैसा कि इजराइल और ईरान दोनों ने बताया।


ईरान का प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर फैक्टरी की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "इजराइल के युद्ध अपराधी अब दवा कंपनियों पर बेशर्मी से बमबारी कर रहे हैं।"


फेंटानिल का उपयोग अस्पतालों में गंभीर दर्द के इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन यह जानलेवा भी हो सकता है।


इजराइल और अमेरिका ने हाल के वर्षों में आरोप लगाया है कि ईरान फेंटानिल को हथियारों में इस्तेमाल करने के लिए परीक्षण कर रहा है।


अमेरिका का आरोप

अमेरिका ने ईरान के एक शैक्षणिक शोध का हवाला देते हुए कहा कि 2002 में चेचेन चरमपंथियों द्वारा मॉस्को के थिएटर में बंधक बनाए जाने के दौरान रूस ने फेंटानिल का इस्तेमाल किया था।


इजराइल ने आरोप लगाया कि 'तोफीघ डारू' फैक्टरी तेहरान के एसपीएनडी अनुसंधान संस्थान को फेंटानिल की आपूर्ति करती थी।


अमेरिका का कहना है कि एसपीएनडी ने ऐसे शोध किए हैं, जिनका उपयोग परमाणु विस्फोटक उपकरणों और अन्य हथियारों के विकास में किया जा सकता है।


कतर के तट पर हमला

इस बीच, प्राधिकारियों ने बताया कि बुधवार तड़के कतर के तट के पास एक टैंकर पर भी हमला हुआ।


ब्रिटेन की सेना के 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' केंद्र ने इस हमले की पुष्टि की, जिसमें प्रक्षेपास्त्र पोत के किनारे से टकराने की जानकारी दी गई।


उन्होंने कहा कि इस घटना में पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं हुआ और चालक दल सुरक्षित है।


मंगलवार को दुबई के तट के पास एक कुवैती टैंकर पर भी हमला हुआ था। युद्ध के आरंभ के बाद से ईरान ने फारस की खाड़ी में 20 से अधिक जहाजों पर हमले किए हैं।