इजराइल का तुर्की और पाकिस्तान पर आतंकवाद के आरोपों का नया मोर्चा
इजराइल की नई रणनीति
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हालिया गठबंधन और रक्षा सौदों के बीच, इजराइल ने तुर्की और पाकिस्तान के खिलाफ एक नया मोर्चा खोलने का संकेत दिया है। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने एक ट्वीट में तुर्की पर आरोप लगाया है कि वह आतंकवादी संगठन हमास को समर्थन दे रहा है। इसके साथ ही, यह भी बताया गया है कि हमास की गतिविधियाँ अब पाकिस्तान में तेजी से बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय है।
इजराइल के विदेश मंत्रालय ने एक रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि तुर्की आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने के बजाय जिहादी संगठन हमास को पनाह दे रहा है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि हमास अपनी कई गुप्त गतिविधियों, जिनमें साइबर ऑपरेशनों की योजना बनाना शामिल है, को तुर्की में स्थानांतरित कर रहा है।
हमास की गतिविधियाँ और कतर की भूमिका
एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जो देश आतंकवादियों को भर्ती करने और उनकी योजनाओं को विकसित करने की अनुमति देता है, वह आतंकवाद को बढ़ावा देता है। फिलिस्तीनी सूत्रों के अनुसार, हमास की कई गुप्त गतिविधियाँ तुर्की में हो रही हैं, जबकि कतर इस संगठन के नेतृत्व और सार्वजनिक गतिविधियों का समर्थन करता रहेगा।
हालांकि, कतर ने हमास के नेता खलील अल हया की आवाजाही पर रोक लगा दी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कतर ने खालिद मशाल को समर्थन दिया है।
पाकिस्तान पर इजराइल के आरोप
इजराइल ने पाकिस्तान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमले के बाद से, दक्षिण एशिया में हमास की बढ़ती उपस्थिति की ओर इशारा किया गया है। हमास और पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी समूहों के बीच संबंध आतंकवाद विरोधी प्रयासों के लिए एक बड़ी चुनौती बन रहे हैं।
इजराइल की रिपोर्ट में कहा गया है कि हमास के नेता पाकिस्तान की यात्रा कर रहे हैं, जहां वे सार्वजनिक रैलियों को संबोधित कर रहे हैं और आतंकवादी गतिविधियों की योजना बना रहे हैं। यह स्पष्ट है कि इजराइल तुर्की और पाकिस्तान के खिलाफ अपनी नीति में कोई ढील नहीं देने वाला है।