इजराइल का यूएई में आयरन बीम सिस्टम तैनात: क्या है इसके पीछे की कहानी?
मध्य पूर्व में सुरक्षा का नया अध्याय
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। हाल के संघर्षों के दौरान, इजराइल ने न केवल अपनी उन्नत रक्षा तकनीक का उपयोग किया, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान की। रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल ने अपने अत्याधुनिक "आयरन बीम" लेजर-आधारित एयर डिफेंस सिस्टम का एक संस्करण यूएई में तैनात किया।
आयरन बीम का उद्देश्य
इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य ईरान से आने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकना था। इसके साथ ही, इजराइल ने 'स्पेक्ट्रो' नामक एक निगरानी प्लेटफॉर्म भी भेजा, जो लगभग 20 किलोमीटर की दूरी से ड्रोन की पहचान करने में सक्षम है। यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सैन्य सहायता का विस्तार
सैन्य कर्मियों की तैनाती
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इजराइल ने केवल उपकरण ही नहीं भेजे, बल्कि यूएई में अपनी आयरन डोम प्रणाली भी तैनात की और उसे संचालित करने के लिए सैनिक भी भेजे। सूत्रों के अनुसार, यूएई में "कई दर्जन" इजराइली सैनिक मौजूद थे, जो इन सिस्टम्स को संचालित करने में सहायता कर रहे थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हो चुका है।
आयरन बीम प्रणाली की विशेषताएँ
आधुनिक तकनीक का परिचय
आयरन बीम एक नई और उन्नत तकनीक है, जिसे राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स ने विकसित किया है। यह एक उच्च-ऊर्जा लेजर प्रणाली है, जो कम दूरी के रॉकेट और ड्रोन को कुछ ही सेकंड में नष्ट कर सकती है। इसकी विशेषता यह है कि यह लक्ष्य पर केंद्रित लेजर बीम छोड़ती है और 4-5 सेकंड के भीतर उसे निष्क्रिय कर देती है। पहले इसका उपयोग इजराइल ने लेबनान से आने वाले हमलों के खिलाफ किया था।
प्रोटोटाइप सिस्टम की तैनाती
परीक्षण के चरण में उपकरण
दिलचस्प बात यह है कि यूएई को भेजे गए कुछ सिस्टम अभी पूरी तरह विकसित नहीं थे और परीक्षण के चरण में थे। फिर भी, बढ़ते खतरे को देखते हुए इजराइल ने इन सिस्टम्स को तुरंत उपलब्ध कराया। बताया गया है कि कुछ उपकरण अभी इजराइल की अपनी रक्षा प्रणाली में भी पूरी तरह शामिल नहीं हुए थे, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें यूएई में तैनात किया गया।
ईरान के हमलों का प्रभाव
यूएई की बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए हमलों के बाद, ईरान ने यूएई पर 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और लगभग 2,000 ड्रोन दागे थे। इसके जवाब में, यूएई ने अपनी बहुस्तरीय रक्षा प्रणाली को सक्रिय किया, जिसमें इजराइल द्वारा दिए गए सिस्टम भी शामिल थे। इनकी मदद से अधिकांश हमलों को सफलतापूर्वक रोक लिया गया।
खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान
सुरक्षा सहयोग का विस्तार
इजराइल ने यूएई के साथ खुफिया जानकारी भी साझा की, जिसमें ईरान के भीतर मिसाइल लॉन्च की तैयारियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ शामिल थीं। इससे यूएई को संभावित हमलों के लिए पहले से तैयार रहने में मदद मिली। इजराइल और यूएई के बीच यह सहयोग अचानक नहीं हुआ है, बल्कि इसकी नींव 2020 में हुए अब्राहम समझौते में रखी गई थी, जिसके माध्यम से दोनों देशों के संबंध सामान्य हुए थे।
आर्थिक और रक्षा सहयोग में वृद्धि
अब्राहम समझौते के बाद से, दोनों देशों के बीच आर्थिक और रक्षा सहयोग में तेजी आई है। इजराइल पहले भी यूएई को बराक और स्पाइडर जैसी रक्षा प्रणालियाँ उपलब्ध करा चुका है। एक पश्चिमी अधिकारी के अनुसार, अब्राहम समझौते के प्रति यूएई का खुला समर्थन उसे ईरान के निशाने पर ले आया है। बढ़ते तनाव के बीच, यूएई को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के रूप में देखा जा रहा है।