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इजरायल-ईरान संघर्ष: अमेरिका ने भी बढ़ाई सैन्य कार्रवाई, क्या है आगे का रास्ता?

मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है। इजरायली सेना के हमले के जवाब में ईरान ने मिसाइलें दागी हैं, जिससे आम नागरिकों में दहशत फैल गई है। अमेरिका ने भी ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई और समुद्री हमले शुरू किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस कार्रवाई को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए आवश्यक बताया है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। जानें आगे क्या हो सकता है।
 

मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव


मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब इजरायली सेना ने यह दावा किया कि तेहरान पर हमले के बाद ईरान ने इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागी हैं। यह घटनाक्रम पहले से ही संवेदनशील क्षेत्रीय हालात में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।


आम नागरिकों में दहशत

सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इजरायल के हमले के कुछ घंटों बाद देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई हमले के सायरन बजने लगे, जिससे आम लोगों में दहशत फैल गई। इजरायल ने इस सैन्य कार्रवाई को 'पूर्व-नियोजित' बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य संभावित सुरक्षा खतरों को पहले ही समाप्त करना था।




इजरायली अधिकारियों का कहना है कि उन्हें खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर यह कदम उठाया गया। हालांकि, इस हमले के तुरंत बाद ईरान ने मिसाइलों के जरिए जवाब दिया, जिससे दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया। यह घटनाक्रम पूरे क्षेत्र को एक बड़े सैन्य संघर्ष के कगार पर ला खड़ा करता है।


संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य कार्रवाई

इस बीच, दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई और समुद्री हमले शुरू किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान सीमित नहीं है, बल्कि यह कई दिनों तक जारी रह सकता है। हालांकि, इन हमलों का पूरा दायरा और नुकसान अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक रिकॉर्डेड संदेश में इस सैन्य अभियान को व्यापक और लगातार बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को कमजोर करना है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल क्षमता न केवल क्षेत्रीय सहयोगियों बल्कि अमेरिका के लिए भी सीधा खतरा है।


ट्रंप का बयान

ट्रंप ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने नागरिकों और सहयोगियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने और संभावित खतरों को समाप्त करने के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है। इस तेजी से बदलते घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है और अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ेगा।