इजरायल का ईरान पर मिसाइल हमला: क्या बढ़ रहा है मध्य-पूर्व में युद्ध का खतरा?
मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में तनाव ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है। इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए हैं, जिसमें तेहरान सहित कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजरायली सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के निवास को भी लक्ष्य बनाया गया।
हालांकि, यह जानकारी मिली है कि खामेनेई उस समय तेहरान में नहीं थे और उन्हें सुरक्षा कारणों से एक सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को भी हमले का निशाना बनाए जाने की खबरें आई हैं, लेकिन इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तेहरान में विस्फोटों की गूंज
तेहरान में लगातार धमाके, राजधानी हाई अलर्ट पर
शनिवार को तेहरान के डाउनटाउन क्षेत्र में कई जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। इसके बाद इजरायल ने ईरान पर मिसाइल हमले की पुष्टि की। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राजधानी के कई महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाया गया है।
अलजजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजरायल का संयुक्त सैन्य अभियान है। हमलों के बाद तेहरान में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और कई क्षेत्रों में आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
हमले का दायरा
30 से ज्यादा ठिकानों पर हमला, सैन्य और खुफिया प्रतिष्ठान निशाने पर
इजरायली मीडिया के अनुसार, ईरान में लगभग 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें सैन्य अड्डे और खुफिया संस्थान शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के निवास और एक इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर को भी लक्ष्य बनाए जाने का दावा किया गया है।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि ईरानी सरकार या राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा अब तक नहीं की गई है।
हमले की स्थिति
यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जुम्हूरी इलाके में मिसाइलें गिरीं
ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, तेहरान की यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जुम्हूरी क्षेत्र में कई मिसाइलें गिरीं। शहर के विभिन्न हिस्सों से धुएं के गुबार उठते देखे गए। मौके पर मौजूद अलजजीरा के संवाददाता ने भी विस्फोटों और धुएं की पुष्टि की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि हमला राजधानी के घनी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचा।
इजरायल का आधिकारिक बयान
इजरायल का बयान: “प्री-एम्प्टिव अटैक”
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने एक बयान में कहा, 'इजरायल ने अपनी सुरक्षा के लिए ईरान के खिलाफ प्री-एम्प्टिव अटैक किया है। यह कार्रवाई इजरायल के लिए उत्पन्न हो रहे खतरों को समाप्त करने के उद्देश्य से की गई है।'
इस बयान से स्पष्ट है कि हमला एक रणनीतिक योजना के तहत किया गया।
संभावित प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय स्थिति
क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ा
हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें ईरान की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान जवाबी कार्रवाई करता है, तो यह संघर्ष केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरा मध्य-पूर्व बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है।