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इजरायल के प्रधानमंत्री ने फ्लाईदुबई के पायलट की बहादुरी की सराहना की

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में एक सह-पायलट ने हमला किया था, लेकिन मच्छार ने साहस दिखाते हुए कई लोगों की जान बचाई। नेतन्याहू ने उन्हें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया और उनकी हिम्मत की प्रशंसा की।
 

नेतन्याहू ने पायलट की बहादुरी की प्रशंसा की

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को फ्लाईदुबई के कप्तान स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने 30 सितंबर को हुई एक आपात स्थिति के दौरान कई लोगों की जान बचाने के लिए पायलट की बहादुरी की सराहना की और उन्हें 'हीरो' करार दिया।


विशेष सम्मान का निमंत्रण

नेतन्याहू ने कप्तान मच्छार से कहा, "आप इजरायल, भारत और पूरी दुनिया के लिए एक नायक हैं।" इसके साथ ही उन्होंने पायलट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया।


उन्होंने कहा, "मैं आपको स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करता हूं।" यह सम्मान इजरायल का सबसे बड़ा सम्मान है, जो आमतौर पर इजरायली नागरिकों को दिया जाता है। नेतन्याहू ने कहा कि इस बार सभी इजरायली नागरिक कप्तान मच्छार का स्वागत करेंगे।


उड़ान के दौरान हुई घटना

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में एक गंभीर घटना घटित हुई। ओमान के सह-पायलट, जिनकी पहचान अब हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है, ने कथित तौर पर विमान को गिराने की कोशिश में कप्तान मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया।


हमले के बाद विमान केवल दो मिनट में 17,000 फीट से नीचे आ गया। इसके बाद अपहरण की आपात सूचना भेजी गई। मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता पाई, जिसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और सह-पायलट को काबू में करने में मदद की।


घटना का विवरण

फोन पर नेतन्याहू ने मच्छार से पूछा कि उस समय क्या हुआ था। मच्छार ने बताया कि सह-पायलट ने नमाज पढ़ने की बात कही थी। जब उनका ध्यान नहीं गया, तभी उन्हें सिर के पीछे जोरदार चोट महसूस हुई।


उन्होंने कहा, "शुरुआत में मुझे लगा कि विमान में कोई तकनीकी समस्या है, लेकिन बाद में समझ आया कि यह मेरे सह-पायलट का हमला है।"


कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश

मच्छार ने बताया कि उन्होंने एक बार दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन अल-हमामी ने उसे बंद कर दिया। उन्होंने कहा, "मेरे पास बस एक आखिरी कोशिश करने की ताकत बची थी। मुझे लगा कि अगर मैंने ऐसा नहीं किया तो मैं मर जाऊंगा।"


उन्होंने पूरी ताकत लगाकर दरवाजा खोला। नेतन्याहू ने उनकी हिम्मत की सराहना करते हुए कहा, "आपने बहुत से लोगों की जान बचाई है।"


नेतन्याहू की शुभकामनाएं

नेतन्याहू ने कहा, "आपने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की है।" उन्होंने मच्छार को और उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं और कहा कि वह जल्द ही ठीक हो जाएं।