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इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष में मासूम की मौत: क्या है सच्चाई?

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक सात महीने का बच्चा इजरायली सैनिकों की गोलीबारी में मारा गया। इस घटना ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग की है, जबकि इजरायली रक्षा बल ने अपनी कार्रवाई को संदिग्ध गतिविधि के डर से सही ठहराया है। जानें इस घटना की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
 

दर्दनाक घटना की जानकारी


नई दिल्ली: इजरायल और फिलिस्तीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच वेस्ट बैंक से एक बेहद दुखद खबर आई है। शुक्रवार को हेब्रोन के निकट इजरायली सैनिकों की गोलीबारी में एक सात महीने का फिलिस्तीनी बच्चा मारा गया।


फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय की पुष्टि

फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हमले में बच्चे के माता-पिता भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मृतक बच्चे की पहचान

मृतक बच्चे का नाम सैम फहद अबू हैकल बताया गया है। पीड़ित परिवार ने कहा कि वे बेथलहम से हेब्रोन में अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे।


गोलीबारी की घटना

हेब्रोन के तेल रुमेइदा क्षेत्र में इजरायली सैनिकों ने उन्हें रुकने का इशारा किया। बच्चे के पिता अबू हैकल ने इजरायली मीडिया को बताया कि उन्होंने तुरंत कार रोक दी थी और अपने हाथ स्टीयरिंग व्हील पर उठा लिए थे। इसके बावजूद, सैनिकों ने उनकी गाड़ी पर गोलीबारी शुरू कर दी।


गोलीबारी का परिणाम

अबू हैकल ने कहा कि हमलावर सैनिक उनकी कार से केवल 10 मीटर की दूरी पर खड़ा था। दिन के उजाले में सब कुछ स्पष्ट था, फिर भी सैनिकों ने बिना किसी कारण के गोली चलाई। एक गोली पिता के हाथ को पार करते हुए मां को लगी और वही गोली मासूम सैम के चेहरे में धंस गई। गंभीर रूप से घायल बच्चे ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।


परिवार की न्याय की मांग

द गार्जियन के अनुसार, इजरायली रक्षा बल ने कहा कि सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि के डर से गोली चलाई थी। हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि कार में सवार लोग आम नागरिक थे। इजरायली सेना ने मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पिता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी सैनिक को कड़ी सजा देने की मांग की है।