इजरायल में बेंजामिन नेतन्याहू के बेटे ने बदला नाम, राजनीतिक विवाद बढ़ा
नई दिल्ली: इजरायल में नया राजनीतिक विवाद
इजरायल में युद्ध के बीच एक नया राजनीतिक विवाद उभरा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बेटे, 34 वर्षीय यायर नेतन्याहू, जो एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता और पॉडकास्टर हैं, ने आधिकारिक तौर पर अपना नाम बदलकर 'योनातन हुन' रख लिया है। यह जानकारी लीक हुए सरकारी टैक्स दस्तावेजों से सामने आई है, जिसके बाद प्रधानमंत्री परिवार की मंशा और भ्रष्टाचार पर बहस छिड़ गई है।
टैक्स चोरी के आरोप और 'बाल्फोर 0' का रहस्य
इजरायली मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, यायर ने पिछले 18 महीनों में यह नाम परिवर्तन किया है। दिसंबर 2024 तक के टैक्स कटौती प्रमाणपत्रों में उनका पुराना नाम 'यायर नेतन्याहू' दर्ज था, लेकिन 2026 की नवीनतम टैक्स फाइलिंग में उनका नया नाम 'योनातन हुन' दिखाई दिया है। दिलचस्प बात यह है कि इस दस्तावेज में उनका नेशनल आइडेंटिफिकेशन नंबर और पता वही पुराना है, जिसमें 'बाल्फोर 0' का उल्लेख है, जो इजरायल के प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास को संदर्भित करता है। नेतन्याहू परिवार पहले से ही कई भ्रष्टाचार और टैक्स से जुड़े मामलों में फंसा हुआ है, जिससे इस नाम परिवर्तन की समयसीमा संदिग्ध बन गई है।
फ्लोरिडा में निवास और सेना से दूरी पर उठे सवाल
यायर नेतन्याहू के इस कदम ने इजरायल की जनता में आक्रोश पैदा कर दिया है। 2023 से, यायर अमेरिका के फ्लोरिडा में रह रहे हैं। जबकि इजरायल सरकार ने युद्ध के दौरान सभी रिजर्व सैनिकों को बुलाया है, प्रधानमंत्री के बेटे का विदेश में रहना लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। आलोचकों का कहना है कि उन्होंने युद्ध में भाग लेने से बचने और अंतरराष्ट्रीय बदनामी से छिपने के लिए अपना नाम बदला है।
'योनातन हुन' नाम का ऐतिहासिक संदर्भ
हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय या यायर ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों ने इस नाम के पीछे एक गहरा पारिवारिक इतिहास खोज निकाला है। 'योनातन' नाम यायर के दिवंगत चाचा 'योनी नेतन्याहू' को समर्पित है, जो 1976 में युगांडा के 'ऑपरेशन एंटेबे' के दौरान शहीद हुए थे।
सरनेम का राज
उनका सरनेम 'हुन' उनकी माता सारा नेतन्याहू के परिवार से जुड़ा है। उनके नाना का असली नाम इजरायल आने से पहले 'सैमुअल हुन' था, जिसे बाद में हिब्रू में बदल दिया गया। यायर पहले भी अपने पॉडकास्ट में इस उपनाम का उपयोग कर चुके हैं, लेकिन अब यह उनका कानूनी नाम बन गया है। इजरायली कानून के अनुसार, एक बार नाम बदलने के बाद अगले सात वर्षों तक इसे दोबारा नहीं बदला जा सकता।