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इज़राइल के पीएम नेतन्याहू ने ट्रम्प के शांति बोर्ड में शामिल होने का किया ऐलान

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा स्थापित शांति बोर्ड में शामिल होने का निर्णय लिया है। पहले तुर्की के शामिल होने पर आपत्ति जताने वाले नेतन्याहू ने अब अमेरिकी पहल का समर्थन किया है। यह बोर्ड वैश्विक विवादों में मध्यस्थता के लिए एक नया मंच प्रदान करेगा। जानें इस बोर्ड के उद्देश्यों, सदस्यों और आगामी योजनाओं के बारे में।
 

नेतन्याहू का नया रुख


इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा स्थापित नए शांति बोर्ड में शामिल होने की सहमति दे दी है। पहले नेतन्याहू ने तुर्की के बोर्ड में शामिल होने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन अब उन्होंने अमेरिकी पहल का समर्थन करने का निर्णय लिया है।


शांति बोर्ड का उद्देश्य

इस निर्णय से इज़राइल उन देशों की सूची में शामिल हो गया है, जो ट्रम्प के वैश्विक विवादों में मध्यस्थता के दृष्टिकोण का समर्थन कर रहे हैं। इस नए बोर्ड और इसके एजेंडे के बारे में जानकारी 2026 में दावोस में साझा की जाएगी। प्रारंभ में गाजा में युद्धविराम की निगरानी के लिए स्थापित किया गया यह बोर्ड अब एक व्यापक मंच में परिवर्तित हो गया है। ट्रम्प इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का विकल्प मानते हैं, जिससे वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में यह बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।


नेतन्याहू की आपत्ति का कारण

नेतन्याहू ने पहले तुर्की को क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी मानते हुए आपत्ति जताई थी, लेकिन अब उन्होंने ट्रम्प के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। वर्तमान में, बोर्ड में इज़राइल के अलावा यूएई, मोरक्को, वियतनाम, कजाकिस्तान, हंगरी, अर्जेंटीना और बेलारूस जैसे देश शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पराग्वे, कनाडा, मिस्र, तुर्की, रूस, भारत, स्लोवेनिया, थाईलैंड और यूरोपीय संघ को भी निमंत्रण भेजा गया है।


कार्यकारी बोर्ड की संरचना

इस बोर्ड में कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हैं, जैसे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रम्प के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, अपोलो के सीईओ मार्क रोवन, विश्व बैंक के प्रमुख अजय बंगा और ट्रम्प के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल। यह विविध टीम कूटनीति, व्यापार और नीति के क्षेत्र में बोर्ड के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।


बोर्ड की अध्यक्षता

गाजा कार्यकारी बोर्ड युद्धविराम के दूसरे चरण का कार्यान्वयन संभालेगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय बलों की तैनाती, हमास का निरस्त्रीकरण और क्षेत्र का पुनर्निर्माण शामिल है। इस बोर्ड की अध्यक्षता संयुक्त राष्ट्र के पूर्व मध्य पूर्व दूत निकोले म्लादेनोव करेंगे। इसके सदस्यों में विटकॉफ, कुशनर, ब्लेयर, रोवन, तुर्की के हाकान फिदान, कतर के अली अल-थवाडी, मिस्र के हसन रशाद, यूएई की रीम अल-हाशिमी और इज़रायली प्रतिनिधि याकिर गाबे शामिल हैं।


आगामी विवरण

डोनाल्ड ट्रम्प गुरुवार (22 जनवरी) को दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान बोर्ड से जुड़े और अधिक जानकारी साझा करेंगे। हालांकि अभी तक कोई सार्वजनिक चार्टर जारी नहीं हुआ है, लेकिन इस पहल को ट्रम्प की मध्यस्थता और सौदेबाजी की क्षमता की परीक्षा माना जा रहा है। इसका उद्देश्य मध्य पूर्व के पुनर्निर्माण और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को पारंपरिक निकायों की सीमाओं से परे हल करना है।