इज़राइल चुनाव: नेतन्याहू का गुट आगे, लेकिन बहुमत की दूरी बनी हुई
चुनाव परिणामों का आंशिक विश्लेषण
केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी किए गए प्रारंभिक नतीजों के अनुसार, 76.8% मतपेटियों की गिनती पूरी हो चुकी है। इस समय इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गुट 54 सीटों के साथ आगे है। वहीं, 'याशर' पार्टी के नेता गादी आइसेनकोट का गुट 47 सीटों पर है। अरब-नेतृत्व वाली 'जॉइंट लिस्ट' और 'राआम' पार्टियों ने मिलकर 19 सीटें हासिल की हैं। 'टाइम्स ऑफ इज़राइल' की रिपोर्ट के अनुसार, तीन पार्टियां चुनावी सीमा 3.25% से नीचे हैं: 'रिज़र्विसिस्ट्स' (2.6%), 'पीपल ऑफ इज़राइल' (1.7%) और 'हारेदी पब्लिक' (0.2%)। वर्तमान में, कोई भी पार्टी बहुमत के लिए आवश्यक 61 सीटें प्राप्त करती नहीं दिख रही है। ये प्रारंभिक रुझान वोटों की आंशिक गिनती पर आधारित हैं और जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ेगी, परिणामों में बदलाव संभव है। इस बीच, वोट शेयर के आधार पर अरब पार्टियों को 18 सीटें मिलने की संभावना है। डेमोक्रेट्स के नेता यायर गोलान ने आइसेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गुट से अनुरोध किया है कि वे बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए अरब पार्टियों के साथ सहयोग करें। इज़राइल के एग्जिट पोल के नतीजे भी बदल गए हैं, जिसमें नेतन्याहू को उनके प्रतिद्वंद्वी, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइसेनकोट पर मामूली बढ़त दिखाई गई है।
चुनाव की स्थिति और मतदान का प्रतिशत
नए एग्जिट पोल ने पहले के रुझान को पलट दिया है, जो विपक्ष के पक्ष में था। अब इज़राइल के 'चैनल 12' का अनुमान है कि नेतन्याहू के गुट को 52 सीटें मिल सकती हैं, जबकि आइसेनकोट और अन्य को 49 सीटें मिलने की संभावना है। हालांकि, एग्जिट पोल एक राजनीतिक गतिरोध की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसमें कोई स्पष्ट विजेता नहीं दिख रहा है। इज़राइल में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चुनाव के लिए मतदान संपन्न हुआ, जिसमें कुल 7,331,981 इज़राइली नागरिक वोट डालने के योग्य थे। इस चुनाव में भारी मतदान हुआ, जिसमें लगभग 77.7% मतदाताओं ने अपने वोट डाले। यह 2022 के इज़राइली प्रधानमंत्री चुनाव के मतदान प्रतिशत (जो 70% से थोड़ा अधिक था) से कहीं अधिक है। 2023 में हमास के हमले के बाद यह पहला आम चुनाव है।
इज़राइल में चुनाव प्रक्रिया
इज़राइल में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत, मतदाता किसी एक उम्मीदवार को नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों को वोट देते हैं। इस प्रणाली के तहत 120 सीटों वाली संसद, जिसे 'नेसेट' (Knesset) कहा जाता है, के लिए सदस्य चुने जाते हैं। किसी पार्टी या गठबंधन को बहुमत की सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सीटें हासिल करनी होती हैं। संसद में स्थान पाने के लिए किसी भी पार्टी को कुल राष्ट्रीय वोटों का कम से कम 3.25 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त करना आवश्यक है। इसके बाद, योग्य पार्टियों को उनके मिले वोटों के अनुपात में सीटें आवंटित की जाती हैं। इसके बाद वोटों की आधिकारिक गिनती होगी, और अंतिम नतीजे 30 अक्टूबर तक आने की उम्मीद है। नतीजों की औपचारिक घोषणा 4 नवंबर को की जाएगी। अंतिम परिणामों के बाद, इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा करेंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस उम्मीदवार के पास सरकार बनाने की सबसे मजबूत संभावना है। उस उम्मीदवार को अन्य दलों के साथ बातचीत करने और एक गठबंधन सरकार बनाने के लिए 42 दिनों का समय मिलेगा।