☰
×

इटली में हिंसा पर काबू पाने के लिए नए सुरक्षा कानूनों का ऐलान

इटली में हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं के मद्देनजर, प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने नए सुरक्षा कानूनों को लागू किया है। इन नियमों के तहत, हिंसा करने वालों को पांच साल तक की सजा हो सकती है, और नाबालिगों के मामलों में उनके माता-पिता को भी आर्थिक नुकसान की भरपाई करनी होगी। इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, लेकिन आलोचकों का मानना है कि सख्त सजा से सामाजिक समस्याएं हल नहीं होंगी। जानें इस नए कानून के बारे में और क्या है इसके पीछे की कहानी।
 

इटली में सुरक्षा कानूनों का नया अध्याय


नई दिल्ली: इटली में हाल में हुई हिंसक घटनाओं, लूटपाट और तोड़फोड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने नए सुरक्षा कानूनों को मंजूरी दी है। इन नियमों के तहत, हिंसा में शामिल व्यक्तियों को पांच साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, यदि नाबालिग इस तरह की गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो उनके माता-पिता को भी आर्थिक नुकसान की भरपाई करनी पड़ सकती है।


रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी इटली के विभिन्न शहरों में हुई हिंसा के बाद यह निर्णय लिया गया है। इनमें मिलान भी शामिल है, जहां युवाओं के समूहों ने दुकानों के शीशे तोड़कर सामान लूटने और पुलिस पर हमले किए।


हिंसक प्रदर्शनों पर सख्त कार्रवाई

प्रधानमंत्री मेलोनी ने सोशल मीडिया पर नए कानून की जानकारी साझा करते हुए कहा कि चोरी और तोड़फोड़ को किसी भी तरह से विरोध प्रदर्शन नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, ये गतिविधियां अपराध हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। नए नियमों के तहत, यदि पांच या उससे अधिक लोग मिलकर प्रदर्शन करते हैं और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, तो उन्हें पांच साल तक की सजा और 20,000 यूरो तक का जुर्माना हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति चेहरा ढककर हिंसा करता है या किसी को चोट पहुंचाता है, तो सजा और भी बढ़ाई जा सकती है।


नाबालिगों के मामलों में माता-पिता की जिम्मेदारी

नए कानून के अनुसार, यदि नाबालिगों द्वारा तोड़फोड़ या लूटपाट की जाती है, तो उनके माता-पिता को नुकसान की भरपाई करनी होगी। अधिकारियों को इस वसूली के लिए त्वरित आदेश देने का अधिकार भी दिया गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस 14 से 17 वर्ष के उन किशोरों को हिरासत में ले सकती है, जिनके खतरनाक होने के ठोस सबूत हैं, भले ही उन्होंने कोई अपराध न किया हो।


मिलान में दोबारा हिंसा की आशंका को देखते हुए, 2026 के अंत तक पुलिस की सहायता के लिए 500 सैनिक तैनात किए जाएंगे। ये सैनिक संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा और निगरानी में मदद करेंगे। हालांकि, सरकार के इस निर्णय की आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि सख्त सजा से अपराध के पीछे की सामाजिक और आर्थिक समस्याएं हल नहीं होंगी। इस बीच, दक्षिणी इटली में महंगाई और डीजल की कीमतों के खिलाफ ट्रक चालकों के प्रदर्शन से आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।