इथियोपिया और इरिट्रिया के बीच बढ़ता तनाव: युद्ध की आशंका
जंग के कगार पर खड़े इथियोपिया और इरिट्रिया
हॉर्न ऑफ अफ्रीका के दो राष्ट्र, इथियोपिया और इरिट्रिया, युद्ध की कगार पर हैं। उत्तरी इथियोपिया में तिग्रे पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट (TPLF) और उसके सहयोगी संगठनों के विद्रोह के चलते दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। विद्रोही समूह इथियोपिया की प्रधानमंत्री अबी अहमद की सरकार को गिराने की कोशिश कर रहे हैं। अमहारा के फानो मिलिशिया सहित छह सशस्त्र संगठनों ने टीपीएलएफ के साथ मिलकर केंद्र की सत्ता पर कब्जा करने का लक्ष्य रखा है.
राजनयिक संबंधों का टूटना
1 अक्टूबर को इथियोपिया ने इरिट्रिया के साथ अपने राजनयिक संबंध तोड़ने का निर्णय लिया। अबी अहमद की सरकार ने इरिट्रिया के 10 राजनयिकों को निष्कासित करने और अस्मारा में अपने दूतावास को बंद करने की घोषणा की। इसके जवाब में, इरिट्रिया ने भी इथियोपिया के साथ संबंध तोड़ने का ऐलान किया। इथियोपिया ने इरिट्रिया के राजनयिकों पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया।
अदीस अबाबा में हमले और बिगड़ते रिश्ते
विद्रोही तिग्रे सैनिकों ने 1 अक्टूबर को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में कई हमले किए, जिसमें खुफिया सेवा मुख्यालय और अन्य सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमला शामिल था। तिग्रे संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली। कुछ समय बाद, इथियोपिया ने अपने राजनयिक संबंध तोड़ने की घोषणा की। उत्तरी इथियोपिया में तिग्रे विद्रोहियों के बीच लड़ाई तेज हो गई है, और तीन बड़े शहरों पर उनका कब्जा हो चुका है।
मिस्र का प्रभाव
इथियोपिया के संबंध केवल इरिट्रिया से ही नहीं बिगड़े हैं, बल्कि मिस्र के एक राजनयिक को भी अदीस अबाबा से निकाला गया है। इसके जवाब में, मिस्र ने एक इथियोपियाई राजनयिक को देश छोड़ने का आदेश दिया है। मिस्र और इथियोपिया के बीच संबंध पिछले कुछ वर्षों से खराब हैं, जिसका मुख्य कारण नील नदी का पानी है। इथियोपिया नील नदी पर 'ग्रैंड इथियोपियन रेनेसां डैम' का निर्माण कर रहा है, जिसे मिस्र ने विरोध किया है।
इरिट्रिया के साथ बिगड़ते रिश्ते
इथियोपिया में तिग्रे विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच 2020 से 2022 तक युद्ध चला, जिसके बाद युद्धविराम लागू हुआ। इस युद्ध में इरिट्रिया ने इथियोपिया की सरकार का समर्थन किया था। अब इथियोपिया की सरकार इरिट्रिया पर विद्रोही समूहों को समर्थन देने का आरोप लगा रही है।
संघर्ष का क्षेत्र
हाल ही में उत्तरी इथियोपिया के विद्रोही संगठनों ने 'इथियोपियन पीपुल्स फोर्सेज एलायंस फॉर सर्वाइवल' नामक संगठन बनाया है, जिसका उद्देश्य केंद्रीय सरकार को उखाड़ फेंकना है। विद्रोहियों और इथियोपिया की सेना के बीच लड़ाई तिग्रे, अफार और अमहारा क्षेत्रों में जारी है।
अमेरिका की चेतावनी
दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, और अमेरिका भी इस स्थिति से अवगत है। वाशिंगटन ने इथियोपिया और इरिट्रिया से संयम बरतने की अपील की है। अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि इस तनाव का पूरे क्षेत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।