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इथियोपिया में नई जंग: संघर्ष का विस्तार और इरिट्रिया पर खतरा

इथियोपिया में जारी हिंसा और संघर्ष ने एक नई जंग का रूप ले लिया है, जो इरिट्रिया तक फैलने की संभावना रखती है। विद्रोही समूहों ने इथियोपिया के हवाई अड्डों पर कब्जा कर लिया है, और टीपीएलएफ ने अबी अहमद की सरकार के खिलाफ एक गठबंधन बनाया है। इस संघर्ष का केंद्र तिग्रे क्षेत्र है, जहां जंग की लपटें बढ़ रही हैं। इरिट्रिया को इस स्थिति से चिंता है कि यह जंग उसके लिए खतरा बन सकती है। क्या यह संघर्ष लाल सागर तक पहुंचेगा? जानें इस जटिल स्थिति के बारे में।
 

इथियोपिया में संघर्ष की स्थिति

हॉर्न ऑफ अफ्रीका में लाल सागर के किनारे स्थित देशों में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सूडान, सोमालिया और दक्षिणी सूडान के बाद अब इथियोपिया में एक नई जंग छिड़ गई है। इस स्थिति का खतरा इरिट्रिया तक पहुंचने की संभावना है। यदि यह संघर्ष इरिट्रिया में फैलता है, तो लाल सागर में विद्रोहियों के लिए एक नया मोर्चा खुल सकता है, जिसका वैश्विक प्रभाव हो सकता है। विद्रोही समूहों ने इथियोपिया के तीन हवाई अड्डों पर कब्जा कर लिया है। जंग की लपटें अब तिग्रे से आगे बढ़कर अन्य क्षेत्रों में फैल रही हैं। आइए समझते हैं कि इथियोपिया में इस नई जंग का कारण क्या है और इसका इरिट्रिया और लाल सागर से क्या संबंध है?


नई जंग का कारण

इथियोपिया विभिन्न जातीय समूहों में विभाजित है, और यहां कई गुटों का शासन है। विपक्षी संगठनों का आरोप है कि सरकार 2022 के शांति समझौते को सही तरीके से लागू नहीं कर रही है। पश्चिमी तिग्रे पर अमहारा मिलिशिया के कब्जे के कारण लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है। टीपीएलएफ के नेता अपने क्षेत्र की वापसी और लोगों की घर वापसी की मांग कर रहे हैं।


टीपीएलएफ का गठबंधन

इस महीने टीपीएलएफ ने अबी अहमद की सरकार के खिलाफ 'इथियोपियाई पीपुल्स फोर्सेज अलायंस फॉर सर्वाइवल' नामक एक गठबंधन बनाया है। इसका मुख्य उद्देश्य अबी अहमद की सरकार को उखाड़ फेंकना है। इस गठबंधन में कई विरोधी संगठन शामिल हो गए हैं। 2020 की जंग में अमहारा फानो नेशनल मूवमेंट ने सरकार का समर्थन किया था, लेकिन अब यह संगठन सरकार के खिलाफ है। ओरोमो लिबरेशन आर्मी भी सरकार के खिलाफ सक्रिय है। इथियोपिया की सरकार का आरोप है कि इरिट्रिया विद्रोही गठबंधन को समर्थन दे रहा है।


संघर्ष का केंद्र

वर्तमान में जंग का केंद्र तिग्रे क्षेत्र है, जहां टीपीएलएफ की सरकार है। यह संघर्ष तिग्रे की सेनाओं और इथियोपिया की संघीय सेना के बीच चल रहा है। तिग्रे की सीमा इरिट्रिया और सूडान से लगती है। 2024 से इथियोपिया में जंग के हालात बनने लगे थे। अमहारा में फानो नेशनल मूवमेंट ने पहली बार राजधानी बहिर दार पर हमला किया था। ओरोमिया में ओरोमो लिबरेशन आर्मी ने भी सरकार के खिलाफ जंग तेज की है।


इरिट्रिया की चिंताएं

इरिट्रिया को डर है कि टीपीएलएफ के साथ संघर्ष का उपयोग इथियोपिया उसके खिलाफ कर सकता है। तिग्रे की अस्थिरता का फायदा उठाकर इरिट्रिया पर हमला किया जा सकता है। 2020 में टीपीएलएफ के खिलाफ जंग में इरिट्रिया ने इथियोपिया का साथ दिया था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। यदि यह जंग लाल सागर तक पहुंचती है, तो वैश्विक व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।


लाल सागर का महत्व

इथियोपिया एक लैंडलॉक्ड देश है और इसकी कोई समुद्री सीमा नहीं है। लाल सागर में इरिट्रिया के मसावा और असाब नामक दो बंदरगाह हैं, जिन तक इथियोपिया पहुंच बनाना चाहता है। 2023 में प्रधानमंत्री अबी अहमद ने लाल सागर तक पहुंच बनाने की बात की थी, जिसके बाद इरिट्रिया के साथ संबंध बिगड़ गए। इथियोपिया किसी भी हाल में समुद्र तक पहुंच बनाना चाहता है।


संघर्ष की पृष्ठभूमि

1970 के दशक में इथियोपिया की सैन्य सरकार के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ, जिसके बाद टीपीएलएफ का गठन हुआ। 1991 से 2018 तक टीपीएलएफ ने इथियोपिया में शासन किया। 2018 में सत्ता परिवर्तन के बाद टीपीएलएफ की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो गई। अबी अहमद के प्रधानमंत्री बनने के बाद टीपीएलएफ ने केंद्र सरकार के खिलाफ चुनाव कराने का निर्णय लिया। इसके परिणामस्वरूप संघर्ष शुरू हुआ, जिसमें लाखों लोग प्रभावित हुए।