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इमरान खान की मौत की अफवाह: पाकिस्तान सेना ने किया खंडन

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अफवाहें सोमवार को तेजी से फैलीं, लेकिन पाकिस्तान सेना ने इन खबरों को खारिज कर दिया। पत्रकार वजाहत सईद खान ने भी स्पष्ट किया कि उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य अधिकारियों पर दबाव डालना था। जानें इस मामले में क्या हुआ और इमरान खान की जेल में स्थिति क्या है।
 

पाकिस्तान में इमरान खान की मौत की अफवाह


नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बारे में जेल में उनकी मौत की अफवाहें सोमवार को तेजी से फैल गईं। यह दावा किया गया कि उनकी हिरासत में मृत्यु हो गई है, लेकिन पाकिस्तान सेना ने इस खबर को पूरी तरह से खारिज कर दिया। पत्रकार ने भी बाद में स्पष्ट किया कि उनकी मौत की कोई पुष्टि नहीं हुई थी।


अफवाहों की शुरुआत कैसे हुई?

पत्रकार वजाहत सईद खान ने 11 अगस्त को 'क्या खान अभी भी हमारे बीच हैं' और 'खान के बाद क्या होगा' शीर्षक से दो लेखों की श्रृंखला लिखी। प्रारंभिक रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि GHQ के एक सूत्र ने उन्हें सूचित किया कि इमरान खान की हिरासत में मृत्यु हो गई है। इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया, जिसमें PTI के समर्थक और विरोधी दोनों शामिल थे।


पत्रकार का स्पष्टीकरण

विवाद बढ़ने पर वजाहत ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनके सूत्रों ने इमरान खान की मौत की पुष्टि नहीं की थी। उन्होंने बताया कि सेना के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने खान की स्थिति को लेकर 'गहरी चिंता' व्यक्त की थी। उनके शब्द थे, 'शायद सबसे बुरा हो चुका है या होने की संभावना है।'


वजाहत ने कहा, 'बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने यह पुष्टि नहीं की कि इमरान खान की मृत्यु हो गई है।' उन्होंने स्वीकार किया कि उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य अधिकारियों पर दबाव डालना था ताकि वे खान के 'जीवित होने का सबूत' प्रदान करें। उन्होंने कहा, 'आज हमने क्या हासिल किया? मैंने अधिकारियों को जीवन का सबूत देने के लिए प्रेरित किया है।'


सेना का खंडन और गोपनीयता का मुद्दा

वजाहत के अनुसार, उन्होंने यह जानकारी रावलपिंडी में GHQ में तैनात सेना के जनरल स्टाफ, मिलिट्री इंटेलिजेंस और C4I डायरेक्टरेट के अधिकारियों से बातचीत के बाद लिखी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि खान की कैद को लेकर 'असामान्य, डरावनी और चौंकाने वाली' गोपनीयता बरती जा रही है।


उनका दावा है कि सेना प्रमुख को सीधे रिपोर्ट करने वाला एक छोटा इंटेलिजेंस समूह खान की जेल से जुड़े ऑपरेशन की निगरानी कर रहा है। इन दावों के बाद पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ISPR ने बयान जारी कर मौत की खबरों को गलत बताया। सेना ने स्पष्ट किया कि इमरान खान की हिरासत में मृत्यु नहीं हुई है। वजाहत ने ISPR की प्रतिक्रिया का स्वागत करते हुए कहा, 'मुझे खुशी है कि ISPR ने जवाब दिया, इसका मतलब है इमरान जीवित हैं।'


इमरान खान की जेल में स्थिति

72 वर्षीय इमरान खान 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिर गई। 9 मई 2023 को उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए। 5 अगस्त 2023 से वे फिर से जेल में हैं।


जनवरी 2025 में उन्हें गोपनीयता और विवाह से संबंधित मामले में बरी किया गया था, लेकिन अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा के कारण वे अभी भी जेल में हैं। इसी मामले में उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 7 साल की सजा सुनाई गई है।