इमरान खान के परिवार पर सरकार की कार्रवाई: क्या है पाकिस्तान में सियासी संकट का नया मोड़?
पाकिस्तान में सियासी तनाव बढ़ा
नई दिल्ली: पाकिस्तान में राजनीतिक स्थिति एक बार फिर से गर्म हो गई है। सरकार और सेना पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थन में उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए सक्रिय हो गई हैं। अब इमरान खान के परिवार के सदस्यों पर भी कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में, इमरान खान की दो बहनों, नूरीन नियाजी और उजमा खान, को पुलिस ने 30 दिनों के लिए हिरासत में लिया है। उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर गिरफ्तार कर कोट लखपत जेल भेजा गया है। इससे पहले, उनकी तीसरी बहन अलीमा खान को भी इसी जेल में भेजा गया था। इस प्रकार, इमरान खान की तीनों बहनें अब जेल में हैं।
लॉन्ग मार्च की तैयारी में सख्ती
जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अलीमा खान के दो बेटों, शहरज खान और शेर शाह, को भी लाहौर से हिरासत में लिया गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया। यह सभी गिरफ्तारियां PTI के बड़े प्रदर्शन से पहले हुई हैं। इमरान खान की रिहाई और संविधान की बहाली की मांग को लेकर PTI ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है। इसी मार्च को रोकने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है।
PTI की चेतावनी और सरकार की प्रतिक्रिया
PTI के खैबर पख्तूनख्वा अध्यक्ष जुनैद अकबर ने पेशावर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता कई रास्तों से इस्लामाबाद पहुंचेंगे और जरूरत पड़ने पर पैदल भी मार्च करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार कार्यकर्ता केवल शव लेकर नहीं लौटेंगे, बल्कि हम इस्लामाबाद को सोमनाथ बना देंगे।
इस पर सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन हिंसा और आतंकवाद फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो शांतिप्रिय नागरिक हैं, वे 100 बार इस्लामाबाद आएं, लेकिन जो आतंकवादी बनकर आएंगे, उन्हें वापस नहीं जाने दिया जाएगा। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने भी कहा कि पुलिस और प्रशासन किसी भी स्थिति में अशांति फैलाने वाले समूह को राजधानी में प्रवेश नहीं करने देंगे। सरकार ने इस्लामाबाद-रावलपिंडी में सुरक्षा कड़ी कर दी है और पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है।