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इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश का पर्दाफाश: आतंकवादी गिरफ्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के खिलाफ एक गंभीर हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से प्रशिक्षित एक इराकी आतंकवादी ने इवांका को निशाना बनाया था। सुरक्षा बलों ने समय रहते इस साजिश को नाकाम कर दिया और आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने अमेरिका-ईरान के बीच तनाव को फिर से बढ़ा दिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

खतरनाक साजिश का खुलासा


नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के खिलाफ एक गंभीर हत्या की साजिश का खुलासा हुआ है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से प्रशिक्षित एक आतंकवादी ने इवांका की हत्या की योजना बनाई थी, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते नाकाम कर दिया।


आतंकवादी की पहचान

आतंकवादी की पहचान 32 वर्षीय इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है। 'द पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, अल-सादी IRGC से जुड़ा हुआ था और लंबे समय से ट्रंप परिवार को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।


सुलेमानी की मौत का प्रतिशोध

अल-सादी अपने गुरु कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेना चाहता था, जो छह साल पहले बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे। यह हमला डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हुआ था, और अल-सादी इसे अपने गुरु की हत्या मानता था।


इवांका के निवास की निगरानी

जांच में यह सामने आया कि अल-सादी फ्लोरिडा में इवांका ट्रंप के घर की लगातार निगरानी कर रहा था। उसके पास उस घर का पूरा ब्लूप्रिंट भी मिला है। उसने इवांका को मारने और ट्रंप परिवार को खत्म करने की कसम खाई थी।


आतंकवादी का बयान

वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची एंतिफाध कनबर ने बताया कि सुलेमानी की मौत के बाद अल-सादी ने कहा, “हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा। हमें ट्रंप के पूरे घर को उसी तरह जलाना चाहिए, जैसे उन्होंने हमारे घर को तबाह किया।”


सुरक्षा एजेंसियों की सफलता

सुरक्षा बलों ने अल-सादी को गिरफ्तार कर लिया है। इस साजिश को IRGC का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। इस घटना के बाद इवांका ट्रंप और उनके परिवार की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।


यह घटना अमेरिका-ईरान के बीच तनाव को फिर से बढ़ा सकती है। ट्रंप परिवार लंबे समय से कई देशों के कुछ समूहों के निशाने पर रहा है, और सुरक्षा एजेंसियां ऐसे आतंकियों पर कड़ी नजर रख रही हैं।