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इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता: क्या होगा आगे?

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है, जबकि ईरान ने भी अपनी शर्तें रखी हैं। जानें इस वार्ता में क्या हो सकता है और पाकिस्तान की भूमिका क्या होगी।
 

अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण वार्ता


आज इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता होने जा रही है। दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति स्पष्ट है, क्योंकि बातचीत से पहले ही नेताओं के तीखे बयानों ने माहौल को गर्म कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने उनकी बात नहीं मानी, तो अमेरिका के पास हथियारों से भरे जहाज तैयार हैं। दूसरी ओर, ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है और वार्ता से पहले कुछ शर्तें रखी हैं।


क्या होगी आमने-सामने की बातचीत?

ईरान के स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ जिस विमान में यात्रा कर रहे थे, उसमें उन स्कूली बच्चों की तस्वीरें थीं, जो 28 फरवरी को अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए थे। ईरान ने वार्ता से पहले सीजफायर और जब्त संपत्तियों को रिलीज करने जैसी शर्तें रखी हैं। इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को किसी भी चालबाजी से दूर रहने की सलाह दी है।


सेरेना होटल में प्रतिनिधिमंडलों की मेज़बानी

इस्लामाबाद का सेरेना होटल वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडलों की मेज़बानी करेगा। यह होटल राजधानी के रेड जोन में स्थित है, जहां महत्वपूर्ण सरकारी इमारतें और दूतावास हैं। होटल को बुधवार शाम से रविवार तक बुक किया गया है और मेहमानों को वहां से हटा दिया गया है। यह भी संभावना है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मेज़बानी में बातचीत प्रधानमंत्री आवास पर भी हो सकती है।


अमेरिका का दृष्टिकोण

अमेरिका की ओर से उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर इस वार्ता में शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ शनिवार सुबह वार्ता की औपचारिक शुरुआत करेंगे। वह दोनों पक्षों के साथ अलग-अलग प्रारंभिक बैठकें करेंगे।


बातचीत का समय और अवधि

यह माना जा रहा है कि शनिवार सुबह नौ बजे वार्ता की औपचारिक शुरुआत होगी और उस दिन मुख्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यदि सहमति बनती है, तो दोनों पक्ष आगे की बातचीत के लिए अलग-अलग स्थानों पर चर्चा कर सकते हैं। यह वार्ता दो से तीन दिन तक चलने की संभावना है। पाकिस्तान ने यह व्यवस्था की है कि ईरान और अमेरिका के किसी भी अधिकारी को बिना वीजा के पाकिस्तान आने की अनुमति होगी।


पाकिस्तान की गोपनीयता का कारण

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि शुक्रवार को खबरें आई थीं कि ईरान का प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि वार्ता के लिए कौन पहुंचा है। अमेरिका से पुष्टि हुई है कि वेंस पाकिस्तान के लिए रवाना हो चुके हैं। सुरक्षा कारणों और अमेरिका-ईरान के बीच विश्वास की कमी के चलते पाकिस्तान में गोपनीयता बरती जा रही है।