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ईरान-अमेरिका के बीच तनाव: होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य टकराव

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया सैन्य टकराव ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाया। तनाव के इस माहौल में दोनों पक्षों के बीच वार्ता में बाधा उत्पन्न हो रही है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है क्षेत्र में।
 

सैन्य टकराव की गंभीरता

हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज पर हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक नए स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने रविवार की सुबह ईरान के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कतर, कुवैत, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों को निशाना बनाया। ईरान ने एक कंटेनर जहाज पर हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई और चालक दल को जहाज छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह जलडमरूमध्य दोनों देशों के बीच 28 फरवरी से चल रहे युद्ध को समाप्त करने की वार्ता में सबसे बड़ी रुकावट बन गया है.


अमेरिकी हवाई हमले

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने ईरान के लगभग 140 ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग स्थलों, गोला-बारूद के भंडारों और संचार केंद्रों को निशाना बनाया गया। सेंटकॉम के अनुसार, इन कार्रवाइयों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और असैन्य नाविकों पर हमले की ईरान की क्षमता को कमजोर करना था। यह टकराव तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ युद्ध संबंधी अंतरिम समझौते को समाप्त कर दिया।


ईरान की प्रतिक्रिया

तनाव के इस माहौल में, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि ईरान ने गलत दिशा चुनी है और अब उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। इसके जवाब में, ईरान के प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने लिखा कि एकतरफा समझौतों का युग समाप्त हो चुका है और वादे न निभाने की कीमत चुकानी पड़ रही है। पिछले सप्ताह में अमेरिका ने ईरान पर तीन बार बड़े हवाई हमले किए हैं, जो ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के विरोध में किए गए।


खाड़ी देशों पर हमले

ईरान ने इन हमलों के जवाब में उन खाड़ी देशों को निशाना बनाया है जहां अमेरिकी सेना तैनात है। तेहरान का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण है और वह वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल सकता है। कतर की सेना ने ईरानी हमलों को नाकाम करने का दावा किया है, लेकिन मलबे की चपेट में आने से एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हुए हैं। कुवैत ने भी हमलों को रोकने की बात कही है, जबकि बहरीन में लगातार तीसरी बार हवाई हमलों के सायरन बजे।


ड्रोन हमले और क्षेत्रीय तनाव

ओमान के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी ड्रोन से हमले किए गए हैं, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट स्थित हैं। संयुक्त अरब अमीरात में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, हालांकि नुकसान की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। इससे पहले, मई में यूएई के एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास एक ड्रोन हमले से आग लगी थी। हाल ही में साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज पर ईरानी हमले में भारी नुकसान हुआ है और एक नाविक लापता है। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी की अनदेखी करने पर जहाजों को रोका गया है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अगली सूचना तक बंद रखने की घोषणा की है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।