ईरान-अमेरिका के बीच बयानबाजी: अब्बास अराघची ने दी कूटनीति की सलाह
बयानों की जंग में नया मोड़
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी एक बार फिर से गरमा गई है। सोमवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय मुद्दों का समाधान कूटनीतिक तरीके से होना चाहिए। उन्होंने अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और असुरक्षा के लिए जिम्मेदार ठहराया।
अराघची ने क्षेत्र के देशों से मिलकर साझा सुरक्षा व्यवस्था स्थापित करने की अपील की। उनका मानना है कि विदेशी ताकतों की मौजूदगी के बिना, क्षेत्रीय देशों को अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसी किसी भी पहल का स्वागत करेगा, जो क्षेत्र के भीतर से सुरक्षा सुनिश्चित करे। उनके अनुसार, यह एक सकारात्मक कदम होगा।
ट्रंप को दिया कड़ा जवाब
अराघची ने डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों का भी जवाब दिया। उन्होंने वाशिंगटन को चेतावनी दी कि ईरान के साथ एक और सैन्य टकराव से बचना चाहिए। उनके अनुसार, जब अमेरिका ने पहले ईरान का 'काम पूरा करने' की धमकी दी थी, तब ईरान और भी मजबूत होकर उभरा था।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पिछली बार जब आपने काम पूरा करने की कोशिश की, तो ईरान और मजबूत हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका फिर से किस्मत आजमाना चाहता है और कहा कि सावधान रहिए, क्योंकि ईरान के भी कुछ काम अधूरे हैं। अराघची ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर भी गंभीर आरोप लगाए, यह कहते हुए कि नेतन्याहू अमेरिका को एक और युद्ध में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वह कानूनी कार्रवाई और जेल से बच सकें।
OIC की बैठक में अमेरिका पर निशाना
अराघची ने इराक की राजधानी बगदाद में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में भी अमेरिका पर निशाना साधा। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने कूटनीति के बजाय आक्रामकता, धमकियों, हत्याओं और आर्थिक युद्ध का रास्ता चुना है। उनके अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव को स्वीकार नहीं करेगा और अपने संप्रभु अधिकारों को नहीं छोड़ेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि तेहरान आपसी सम्मान और भरोसे के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है।