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ईरान-अमेरिका वार्ता: क्या संघर्ष-विराम की नई संभावनाएं बन रही हैं?

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित संघर्ष-विराम को लेकर नई चर्चाएं चल रही हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया कि ईरान ने तीन अलग-अलग प्रस्ताव भेजे हैं, जिनमें से पहले को खारिज किया गया था। वार्ता की संभावित तारीख 11 अप्रैल है, जबकि क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। जानें इस मुद्दे पर और क्या हो रहा है।
 

संघर्ष-विराम पर नई बहस


ईरान और अमेरिका के बीच संभावित संघर्ष-विराम को लेकर चल रही कूटनीतिक गतिविधियों के बीच अब इसके प्रारूप पर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया है। लेकिन अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया है कि ईरान ने एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग प्रस्ताव भेजे थे।


संभव वार्ता की तारीख

वेंस ने यह भी कहा कि पहला प्रस्ताव इतना असंगत था कि ऐसा लगा जैसे इसे किसी AI टूल, जैसे ChatGPT द्वारा तैयार किया गया हो। उनके अनुसार, इन तीनों प्रस्तावों ने बातचीत की दिशा को लेकर असमंजस पैदा कर दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों देशों के बीच वार्ता 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है। इससे पहले, ईरान ने दो सप्ताह के संघर्ष-विराम की घोषणा की थी और दावा किया था कि अमेरिका उसके 10-सूत्रीय प्रस्ताव से सहमत हो गया है। इस प्रस्ताव में युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई और यूरेनियम संवर्धन की अनुमति जैसी महत्वपूर्ण शर्तें शामिल थीं। हालांकि, अमेरिका ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।


प्रस्तावों की गंभीरता

रिपोर्ट के अनुसार, वेंस ने बताया कि पहले प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि वार्ता टीम के सदस्य स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर ने इसे गंभीरता से लेने योग्य नहीं समझा। इसके बाद आया दूसरा प्रस्ताव अपेक्षाकृत संतुलित और व्यवहारिक था, जिसे पाकिस्तान और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच चर्चा के बाद तैयार किया गया था। वेंस के अनुसार, ट्रंप ने अपने आधिकारिक बयान में इसी संस्करण का उल्लेख किया था।


तीसरे प्रस्ताव पर वेंस की प्रतिक्रिया

हालांकि, तीसरे प्रस्ताव को लेकर वेंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे पहले प्रस्ताव से भी अधिक कठोर और एकतरफा बताया, जिसमें अमेरिका के हितों के लिए कोई स्थान नहीं था। इस बीच, वेंस ने ईरान से अपील की कि वह नाजुक संघर्ष-विराम को बिगाड़ने से बचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते में लेबनान को कभी शामिल नहीं किया गया था।


क्षेत्र में तनाव

वेंस के इस बयान के साथ-साथ, क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। इज़रायल ने हाल ही में लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें कई लोगों की जान गई और सैकड़ों घायल हुए। ईरान ने लेबनान को भी संघर्ष-विराम में शामिल करने की मांग की है, जिसे वह क्षेत्रीय शांति के लिए आवश्यक मानता है।