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ईरान-अमेरिका संघर्ष: होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव और अनोखी सोशल मीडिया जंग

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष में होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ता जा रहा है। ईरान के दूतावासों ने सोशल मीडिया पर हास्य और व्यंग्य से भरी पोस्ट्स के जरिए एक अनोखी जंग छेड़ रखी है। जहाजों की आवाजाही में कमी आई है, और ईरान अब टोल लगाने की योजना बना रहा है। जानें इस संघर्ष के विभिन्न पहलुओं के बारे में और कैसे यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
 

तनाव में वृद्धि

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष में होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। एक ओर, ईरान मिसाइलें दाग रहा है, वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी बमवर्षक तेहरान पर हमले कर रहे हैं। इस बीच, ईरान के दूतावासों ने हास्य और व्यंग्य से भरी पोस्ट्स के माध्यम से एक अनोखी जंग छेड़ रखी है।


मजेदार सुझाव

हाल ही में जिम्बाब्वे में ईरान के दूतावास ने मजाकिया अंदाज में लिखा, 'Be polite and pass'। इसके साथ ही फ्रांस और स्पेन के हैशटैग भी शामिल किए गए। इसका आशय था कि शांति की बात करने वाले देशों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी जा रही है, जो कि होर्मुज जलडमरूमध्य की तनावपूर्ण स्थिति पर एक व्यंग्य था।


दूतावास की विवादास्पद पोस्ट

दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में ईरान के दूतावास ने एक और तीखा पोस्ट किया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी झंडे से ढके ताबूतों से भरा दिखाया गया। कैप्शन था, 'होर्मुज से गुजरने वाली एकमात्र अमेरिकी चीज'। यह पोस्ट विवादास्पद रहा, लेकिन ईरान इसे युद्ध के दौरान अपने संदेश को फैलाने का एक तरीका मानता है।


जहाजों की आवाजाही में कमी

होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जहां से विश्व का एक बड़ा हिस्सा तेल लेकर गुजरता है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद, ईरान ने इसे लगभग बंद कर दिया, जिससे जहाजों की आवाजाही में काफी कमी आई है। पहले कई जहाज प्रतिदिन गुजरते थे, लेकिन अब केवल कुछ ही निकल पा रहे हैं।


फ्रांसीसी जहाज की आवाजाही

जो जहाज गुजर रहे हैं, वे ज्यादातर ईरान के मित्र देशों से जुड़े हैं। हाल ही में, फ्रांस की बड़ी कंपनी CMA CGM का एक कंटेनर जहाज पहला पश्चिमी यूरोपीय जहाज बना जो इस जलडमरूमध्य से गुजरा। यह संभव हुआ जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने युद्धविराम की अपील की।


भारत के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही

भारत ने भी अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफलता पाई है। 28 फरवरी के बाद, कम से कम आठ भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर चुके हैं। पाकिस्तान ने भी द्विपक्षीय समझौते के तहत सुरक्षित गुजरने का इंतजाम किया है। कुछ जहाज ओमान की तट रेखा के निकट से गुजर रहे हैं।


अमेरिका का बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह होर्मुज को फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं और बातचीत जारी है। हालांकि, ईरान का कहना है कि हमले शुरू होने से पहले सब कुछ सामान्य था।


ईरान की नई योजना

ईरान अब केवल युद्ध नहीं लड़ रहा, बल्कि दीर्घकालिक योजनाएं भी बना रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की योजना बना रहा है। यदि ऐसा होता है, तो ईरान इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग पर अपना नियंत्रण मजबूत कर सकता है।


सोशल मीडिया पर जंग

इस संघर्ष में सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ सोशल मीडिया पर हास्य और व्यंग्य की जंग भी जारी है। ईरान के दूतावास अपनी मजाकिया लेकिन तीखी पोस्ट्स के माध्यम से दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।


वैश्विक प्रयास

दुनिया भर के देश अब इस जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द खुलवाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि इससे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।