ईरान-अमेरिका संघर्ष: होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती चिंताएं और अमेरिकी नौसेना की स्थिति
संघर्ष का प्रभाव समुद्र पर
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने समुद्री मार्गों को भी प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो विश्व के प्रमुख समुद्री रास्तों में से एक है, अब लगभग बंद हो चुका है। यहाँ से वैश्विक तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, लेकिन ईरान पर आरोप है कि उसने समुद्र में हजारों खदानें बिछा दी हैं, जिससे जहाजों के लिए यात्रा करना अत्यंत जोखिम भरा हो गया है। इस स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है।
क्या अमेरिकी नौसेना ने जहाजों को हटाया?
हाल ही में अमेरिकी नौसेना के जहाजों के बारे में नई जानकारी सामने आई है। माइंस को खोजने और हटाने वाले तीन जहाजों में से दो, USS टुल्सा और USS सांता बरबरा, मिडिल ईस्ट से दूर देखे गए हैं। ये जहाज मलेशिया के पेनांग बंदरगाह पर पाए गए, जो उनके बहरीन बेस से लगभग 3500 मील दूर है। आमतौर पर ये जहाज खाड़ी क्षेत्र में तैनात रहते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
अमेरिका का निर्णय रहस्य में
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमेरिका ने इन जहाजों को वहाँ से क्यों हटाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस पर कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया है, और इंडो-पैसिफिक कमांड भी चुप्पी साधे हुए है। पेंटागन ने केवल इतना कहा है कि मामला इंडो-पैसिफिक कमांड देख रही है, जिससे असली कारण अभी भी रहस्य बना हुआ है।
USS टुल्सा और USS सांता बरबरा की विशेषताएँ
USS टुल्सा और USS सांता बरबरा इंडिपेंडेंस क्लास के जहाज हैं, जिनका मुख्य कार्य समुद्र में बिछी माइंस को खोजकर हटाना है। इनमें विशेष सोनार सिस्टम लगे होते हैं, जो पानी के अंदर छिपे विस्फोटकों का पता लगाते हैं। इसके अलावा, अंडरवाटर ड्रोन और हेलिकॉप्टर का भी उपयोग किया जाता है। ये जहाज समुद्री युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
तीसरा जहाज अभी भी खाड़ी में
अमेरिका का तीसरा जहाज, USS कैनबरा, अभी भी अरब खाड़ी में मौजूद है। पहले अमेरिका के पास चार पुराने एवेंजर क्लास के जहाज थे, जिन्हें पिछले साल हटा दिया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि नए जहाजों की तकनीक अभी पूरी तरह से परखी नहीं गई है, और उनका आकार भी बड़ा है, जिससे माइंस वाले समुद्र में इन्हें चलाना मुश्किल हो सकता है।
दुनिया की प्रतिक्रिया
इस बीच, कई देशों की प्रतिक्रियाएँ भी सामने आई हैं। ब्रिटेन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह माइंस हटाने वाले ड्रोन भेज सकता है, जबकि जापान और ऑस्ट्रेलिया ने स्पष्ट किया है कि वे अभी सैन्य संसाधन भेजने पर विचार नहीं कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन, फ्रांस, जापान और यूके से सहयोग की अपील की है ताकि होर्मुज का मार्ग फिर से खोला जा सके।
ईरान की खदानें
खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि ईरान ने समुद्र में 5000 से अधिक खदानें बिछाई हैं, जो जहाजों को रोकने के लिए लगाई गई हैं। कुछ खदानें समुद्र तल पर हैं, जबकि कुछ सतह के पास छिपी हुई हैं। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने खदानें बिछाने वाली 16 ईरानी बोट्स को नष्ट कर दिया है, लेकिन खतरा अभी भी बना हुआ है और होर्मुज का मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा।