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ईरान-अमेरिका समझौते पर उठते सवाल: ट्रंप और ईरान के बयानों में विरोधाभास

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। डॉनल्ड ट्रंप का दावा है कि उन्होंने ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण डील की है, लेकिन इस डील के जटिल पहलू सामने आ रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास है। ट्रंप का कहना है कि हॉर्मोस जलडमरूमध्य खुल जाएगा, जबकि ईरान पहले अमेरिका की मंशा को परखने की बात कर रहा है। जानें इस डील के पीछे की सच्चाई और इजराइल की चिंताएं।
 

ईरान-अमेरिका समझौते की स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं, खासकर दस्तखत से पहले। डॉनल्ड ट्रंप का दावा है कि उन्होंने ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण डील की है। लेकिन, एमओयू पर डिजिटल हस्ताक्षर करने के 24 घंटे बाद, इस डील के जटिल पहलू सामने आ रहे हैं। ईरान और अमेरिका के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास दिखाई दे रहा है। ट्रंप का कहना है कि शुक्रवार से हॉर्मोस जलडमरूमध्य खुल जाएगा, जबकि ईरान का कहना है कि पहले अमेरिका की मंशा को परखा जाएगा और उसके बाद ही व्यापार शुरू होगा। इसके अलावा, ईरान को 28 अरब डॉलर के पुनर्निर्माण फंड को लेकर भी मतभेद उत्पन्न हो गए हैं। एमओयू में यह उल्लेख है कि अमेरिका ईरान को 28 अरब का फंड प्रदान करेगा, लेकिन ट्रंप ने इसे निराधार करार दिया है।


ट्रंप का बयान और इजराइल की प्रतिक्रिया

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर स्पष्ट रूप से लिखा है कि यह फेक न्यूज़ है और अमेरिका 28 अरब का फंड नहीं देने वाला है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के पास कोई परमाणु बम नहीं होगा, जबकि ईरान का कहना है कि इस पर 60 दिन की बातचीत के दौरान सहमति बनाई जाएगी। इसका मतलब है कि अभी तक इस मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। अमेरिका-ईरान डील से इजराइल की आईडीएफ और मोसाद नाराज हैं। दोनों एजेंसियां ट्रंप की डील को कमजोर मानती हैं और उनका मानना है कि न्यूक्लियर डील से खतरा कम नहीं होगा। द जेरुशलेम पोस्ट के अनुसार, इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी मानते हैं कि यह डील इजराइल के हित में नहीं है और इसका लाभ ईरान को होगा।


इजराइल की चिंताएं और ट्रंप की प्रतिक्रिया

न्यूक्लियर डील से खतरा कम नहीं होगा, क्योंकि यूरेनियम फ्रेमवर्क में कई कमियां हैं। इजराइल प्रॉक्सी फंडिंग के मुद्दे पर चिंतित है और हिजबुल्लाह का खात्मा चाहता है। आईडीएफ का मानना है कि कमजोर डील से ईरानी शासन और मजबूत होगा। ट्रंप की डील लक्ष्यों को हासिल करने में असफल साबित हो रही है। द जेरुशलेम पोस्ट के हवाले से यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। लेबनान में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, और ट्रंप ने नेतन्याहू पर भी गुस्सा जाहिर किया है, यह कहते हुए कि उन्हें विवेक का अभाव है।