ईरान-इजराइल संघर्ष में कुर्द पेशमर्गा की महिला सदस्य की दुखद मौत
ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष
ईरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध में कोई कमी नहीं आ रही है। हाल ही में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कुर्द पेशमर्गा संगठन पर ड्रोन से हमला किया, जिसमें कुर्द पेशमर्गा की सबसे युवा महिला सदस्य की जान चली गई। रिपोर्टों के अनुसार, आईआरजीसी ने कुर्दिस्तान क्षेत्र में ड्रोन हमले को अंजाम दिया, जिसमें गजल मौलाना गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाई, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई।
हमले की तिथि और परिणाम
यह घटना 15 अप्रैल को हुई थी। आईआरजीसी ने गजल मोलन पर मिसाइल से हमला किया, जिसमें 19 वर्षीय गजल घायल हो गईं। समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी जान चली गई। गजल की मौत के बाद कुर्द पेशमर्गा में शोक का माहौल है। उनके दोस्तों और पति ने गुरुवार को सुलैमानीयाह में उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी, जबकि उसी समय आईआरजीसी उस क्षेत्र में ड्रोन से मिसाइल हमला कर रहा था।
गजल को चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिली?
गजल के घायल होने के बाद, कुर्द पेशमर्गा के अन्य सदस्यों ने उन्हें शोरश अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहां सुविधाओं की कमी थी। इसके चलते उन्हें बख्शीन अस्पताल ले जाया गया, जहां के अधिकारियों ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया। बताया गया कि कुर्द पेशमर्गा संगठन के ईरान के खिलाफ होने के कारण अस्पताल के अधिकारी उनका इलाज करने से हिचकिचा रहे थे।
कुर्द पेशमर्गा के सदस्यों ने बख्शीन अस्पताल के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन उनकी अपील को लगभग 45 मिनट तक नजरअंदाज किया गया। अंततः, उन्हें गजल को फारुक मेडिकल सेंटर ले जाना पड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। फारुक अस्पताल के डॉक्टर गजल की जान नहीं बचा सके।
गजल का शव दफनाने में कठिनाई
गजल का शव खून से लथपथ था। जब कुर्द पेशमर्गा के सदस्य उन्हें मुर्दाघर में दफनाने गए, तो मुर्दाघर के अधिकारियों ने शव को दफनाने से मना कर दिया, क्योंकि गजल कुर्द पेशमर्गा की सदस्य थीं। इसके बाद, गजल के पति और उनके दोस्तों ने मिलकर सुलैमानीयाह की एक लाइब्रेरी के पास उनके शव को दफनाने का निर्णय लिया।