ईरान-इजरायल संघर्ष: 42 बच्चों की मौत ने बढ़ाई चिंता, क्या है आगे का रास्ता?
ईरान में हमले की त्रासदी
ईरान ने हाल ही में हुए हमलों में 42 छात्रों की मौत की पुष्टि की है। ये बच्चे स्कूल के पास मौजूद थे, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, और तेहरान में शोक और गुस्से का माहौल है। सरकारी मीडिया ने इसे एक बड़ी त्रासदी करार दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। परिजनों का हाल बेहाल है, और अस्पतालों के बाहर भीड़ जमा हो गई है। सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं, और कई स्थानों पर कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
क्या खामेनेई भी निशाने पर थे?
रिपोर्टों के अनुसार, हमले सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दफ्तरों के निकट हुए। हालांकि, खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर बताया गया है। सरकार ने पुष्टि की है कि नेतृत्व सुरक्षित है, लेकिन हमलों की तीव्रता ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और संवेदनशील स्थलों को सील कर दिया गया है। तनाव बढ़ता जा रहा है, और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। सैन्य ठिकानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है, और सरकारी बयान लगातार जारी किए जा रहे हैं।
क्या ईरान ने तुरंत पलटवार किया?
कुछ घंटों बाद, ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागी। इजरायल में सायरन बजने लगे, और इजरायली सेना ने अपनी रक्षा प्रणाली को सक्रिय बताया। कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया। तेहरान ने 'कठोर जवाब' देने की चेतावनी दी है, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की स्थिति स्पष्ट हो गई है। आसमान अब एक वास्तविक रणभूमि बन चुका है, और सीमा पार हमलों की आशंका बढ़ गई है।
क्या अमेरिका ने भूमिका स्वीकार की?
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी भागीदारी की पुष्टि की है, इसे एक बड़ा निर्णय बताया। उन्होंने संयुक्त ऑपरेशन जारी रखने की बात की है, और संभावित अमेरिकी हताहतों की आशंका भी जताई है। अमेरिका ने इसे सुरक्षा कार्रवाई के रूप में देखा है। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक रास्ता बंद होता दिख रहा है, और तनाव कई दिनों तक जारी रह सकता है। अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और व्हाइट हाउस ने इस पर बयान जारी किया है।
क्या खाड़ी क्षेत्र भी सतर्क हो गया?
कई देशों ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है, और दूतावासों ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इंटरनेट सेवाओं में बाधा आने की खबरें आई हैं, और हूती समूह के सक्रिय होने की आशंका जताई गई है। शिपिंग रूट्स पर खतरा बढ़ सकता है, और पूरे मध्य पूर्व में रेड अलर्ट जैसी स्थिति है। वैश्विक बाजारों पर भी इसका असर दिख रहा है, और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया है। एयरलाइंस ने उड़ानें रद्द की हैं, और विदेशी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
क्या यह संघर्ष और गहराएगा?
42 बच्चों की मौत ने इस टकराव को एक नया मोड़ दे दिया है। ईरान ने बदले की बात दोहराई है, जबकि इजरायल ने हमले जारी रखने के संकेत दिए हैं। अमेरिका खुलकर ईरान के साथ खड़ा है, और मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े युद्ध की कगार पर है। दुनिया की नजरें अब हर अगली मिसाइल पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिन स्थिति को स्पष्ट करेंगे, लेकिन जमीनी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। संघर्ष थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।