ईरान-इज़रायल संघर्ष में स्पेन के प्रधानमंत्री का युद्ध-विरोधी संदेश
मध्य-पूर्व में संघर्ष का नया मोड़
मध्य-पूर्व में चल रहे गंभीर संघर्ष ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ लिया है। रविवार को, ईरान द्वारा इज़रायल पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों पर स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के युद्ध-विरोधी संदेशों वाले स्टिकर देखे गए। यह ईरान की एक कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो यूरोप में उत्पन्न मतभेदों को उजागर करता है।
यह घटना सांचेज़ के हालिया टीवी संबोधन के कुछ दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि स्पेन का रुख़ "युद्ध नहीं" है। सांचेज़, जो अमेरिका-इज़रायल के हमलों की खुलकर आलोचना कर रहे हैं, ने इन हमलों को "अनुचित," "अवैध," और "खतरनाक" बताया है।
ईरानी मीडिया में स्टिकर का प्रदर्शन
ईरानी मीडिया में दिखाई गई तस्वीरों में एक IRGC लड़ाका स्टिकर लगाते हुए नजर आ रहा है, जिस पर सांचेज़ की तस्वीर और उनका बयान है — "यह युद्ध न केवल अवैध है, बल्कि अमानवीय भी है। धन्यवाद, प्रधानमंत्री।" यह संदेश अंग्रेज़ी और फ़ारसी दोनों भाषाओं में लिखा गया है।
इन तस्वीरों में ये स्टिकर उन मिसाइलों पर लगे हुए हैं, जिन्हें ईरान से इज़रायल की ओर दागा गया था। इस दौरान एक IRGC जवान को "अल्लाहु अकबर" कहते हुए सुना जा सकता है।
मिसाइलों पर संदेश लिखने की परंपरा
हथियारों पर संदेश लिखने या चिपकाने की यह परंपरा नई नहीं है। हाल ही में, ईरान के सरकारी टीवी पर सैनिकों की ऐसी फ़ुटेज दिखाई गई थी, जिसमें वे मिसाइलों पर नारे लिख रहे थे और यह कसम खा रहे थे कि जब तक मध्य-पूर्व से आख़िरी अमेरिकी सैनिक नहीं चला जाता, तब तक वे हमले जारी रखेंगे।
स्पेन का रुख़ और अमेरिकी आलोचना
सांचेज़ का युद्ध-विरोधी संदेश स्पेन के उस विशिष्ट रुख़ को दर्शाता है, जो 28 फ़रवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़रायल के सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से बना हुआ है। इस अभियान का उद्देश्य तेहरान के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाना था।
हाल ही में, स्पेन की सरकार ने अमेरिकी सेना को ईरान के खिलाफ अभियानों के लिए संयुक्त रूप से संचालित 'रोटा नौसैनिक अड्डे' और 'मोरोन हवाई अड्डे' तक पहुँच देने से इनकार कर दिया था। इस कदम की अमेरिकी राष्ट्रपति ने कड़ी आलोचना की थी।
युद्ध की स्थिति और वैश्विक प्रभाव
पिछले हफ़्ते ब्रसेल्स में हुए यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन में सांचेज़ ने फिर से अपने विरोध को दोहराते हुए कहा कि यह युद्ध अवैध है और आम नागरिकों के लिए हानिकारक है।
भारत में स्पेन के राजदूत ने हाल ही में कहा कि मैड्रिड शांति के पक्ष में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मध्य-पूर्व में अस्थिरता तेजी से यूरोप तक फैल सकती है।
इस बीच, यह युद्ध – जो अब अपने चौथे हफ़्ते में है – कम होने के कोई संकेत नहीं दिखा रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका तनाव को बढ़ाता है, तो वह खाड़ी क्षेत्र में महत्वपूर्ण ऊर्जा और जल बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।
संघर्ष के परिणाम
28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस संघर्ष ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया है, ईंधन की कीमतों में उछाल ला दिया है, मुद्रास्फीति की आशंकाओं को बढ़ा दिया है और युद्धोत्तर पश्चिमी गठबंधन में तनाव पैदा कर दिया है।