ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एसइओ समिट में महत्वपूर्ण मुलाकातें
मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति
मिडिल ईस्ट में युद्ध की तबाही एक नई ऊंचाई पर पहुंच चुकी है। ईरान के राष्ट्रपति पेजिशियान वर्तमान में किरगिस्तान में एसइओ समिट में भाग ले रहे हैं, जहां वे रूस और चीन के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। अमेरिका इस स्थिति को लेकर चिंतित है और उसने ईरान पर नए हमले शुरू कर दिए हैं। ट्रंप ईरान के खिलाफ एक बड़े हमले की योजना बना रहे हैं। बिश्केक में, ईरानी राष्ट्रपति उन नेताओं से मिल रहे हैं जो अमेरिकी हमलों के खिलाफ हैं, जिनमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शामिल हैं। यह स्थिति ट्रंप के लिए चिंता का विषय बन गई है।
अमेरिकी हमले और ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के राष्ट्रपति पेजिशियान ने हाल ही में बिश्केक में हाथ मिलाने की तस्वीरें साझा की हैं, जबकि अमेरिकी सेना ईरान पर नए हमले कर रही है। ये हमले ईरान के हॉर्मोंस और खाद्वीप पर किए गए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ दिया है। उनका इरादा ईरान को कमजोर करना है, लेकिन वे यह भूल रहे हैं कि ईरान की नेतृत्व संरचना शांति वार्ता तक सीमित है। असली युद्ध की कमान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के हाथ में है।
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ताकत
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पास घातक मिसाइलों से लैस सैन्य ट्रकों का एक बड़ा काफिला है। एक आदेश पर ये मीलों दूर तबाही मचा सकते हैं। ट्रंप इस ताकत को नजरअंदाज कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि ईरान हार चुका है। लेकिन आईआरजीसी अपने छिपे हुए ड्रोन और बैलेस्टिक मिसाइलों का प्रदर्शन कर रहा है, जो अभी तक उपयोग में नहीं लाए गए हैं। ईरान का कहना है कि उसके पास पर्याप्त संसाधन हैं, और यदि युद्ध होता है, तो अमेरिका का कोई भी हथियार प्रभावी नहीं होगा।