ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के संकेत
ईरान और अमेरिका के बीच संभावित संघर्ष
ईरान और अमेरिका के बीच एक गंभीर संघर्ष की संभावना बढ़ती जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों में, दोनों पक्षों के बीच किसी भी प्रकार की सुलह की संभावना कम होती दिख रही है। अमेरिका, इजराइल और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर खुफिया तैयारियों में जुटा है, जबकि ईरान की जनता भी युद्ध के लिए तैयार है। ईरान ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देने के लिए होर्डिंग्स और साइन बोर्ड का उपयोग किया है। हाल ही में, तेहरान में एक बड़ी इमारत पर एक होर्डिंग लगाई गई है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प का आधा चेहरा और उनके होंठ के पास नीला कपड़ा दिखाया गया है, जो होर्मुज के संकरे रास्ते का प्रतीक है। इस होर्डिंग पर फारसी और अंग्रेजी में लिखा है 'एट द ब्रेकिंग पॉइंट'। ईरानी मीडिया ने इस होर्डिंग की तस्वीर साझा करते हुए अमेरिका को चुनौती दी है कि वह मैदान में आकर देखे।
ईरान ने पहले भी इसी तरह के होर्डिंग्स का उपयोग किया है, जिसमें इजराइल और अमेरिका के खिलाफ संदेश दिए गए हैं। ईरानी जनता चाहती है कि इजराइल को भी कड़ा जवाब दिया जाए। इस समय अमेरिका में मध्यावधि चुनाव की हलचल है, और कयास लगाए जा रहे हैं कि चुनाव के बाद ट्रम्प ईरान पर और अधिक आक्रामकता के साथ हमला कर सकते हैं। ईरान, जो इस्लामिक रेवोल्यूशन का नेतृत्व कर रहा है, ट्रम्प के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
अमेरिकी अखबार 'वॉल स्ट्रीट जनरल' के अनुसार, ईरान चुनाव के बाद ट्रम्प के इजराइल के साथ मिलकर हमले की स्थिति में अपनी सेना को पड़ोसी मुस्लिम देशों में भेजने की योजना बना रहा है। ईरान में युवाओं की भर्ती जारी है, और उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ईरान के पास 42,000 की एक बड़ी सेना है, और इसके अलावा कई लड़ाके भी हैं जो विभिन्न देशों में मौजूद हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान इस बार बड़े हमले की योजना बना रहा है, खासकर अमेरिकी युद्धपोतों पर जो ईरान के आसपास के समुद्र में तैनात हैं।