×

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव: ट्रंप के दावों पर कलीबाफ का तीखा जवाब

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने ट्रंप के झूठे दावों पर तीखा हमला किया है। कलीबाफ ने ट्रंप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहने पर होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला नहीं रहेगा। इस कूटनीतिक टकराव का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ा है, जहां कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। जानें इस मुद्दे की पूरी कहानी और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण।
 

मिडिल ईस्ट में तनाव की नई लहर


मिडिल ईस्ट में तनाव के बढ़ते माहौल के बीच बयानबाज़ी का सिलसिला तेज हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव में दोनों देश एक-दूसरे पर आरोप लगाने में जुट गए हैं। इसी संदर्भ में, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर कलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर कड़ा प्रहार किया है, जिससे कूटनीतिक स्थिति और भी गर्म हो गई है।


कलीबाफ का ट्रंप पर आरोप

कलीबाफ ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक घंटे के भीतर सात झूठे दावे किए। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये दावे क्या थे, लेकिन ट्रंप की बातों को उन्होंने पूरी तरह गलत ठहराया। यह बयान उस समय आया जब ट्रंप एरिज़ोना में एक कार्यक्रम में ईरान से संबंधित मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।


होर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद

कलीबाफ ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका की नाकाबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही एक निश्चित नियम के अनुसार होगी और इसके लिए ईरान की अनुमति आवश्यक होगी। यह ट्रंप के उस दावे के विपरीत है जिसमें उन्होंने कहा था कि यह मार्ग व्यापार के लिए पूरी तरह खुला है।


सोशल मीडिया पर कूटनीतिक टकराव

दोनों देशों के नेताओं के बीच यह टकराव अब सोशल मीडिया पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कलीबाफ ने कहा कि इस तरह के "झूठे दावे" न तो युद्ध में सहायक होते हैं और न ही बातचीत में। उन्होंने चेतावनी दी कि वास्तविकता ही हालात को निर्धारित करेगी, न कि सोशल मीडिया पर किए गए बयान।


भ्रम की स्थिति

इससे पहले, कलीबाफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा। लेकिन अमेरिका की नाकाबंदी के चलते स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने भी अराघची के बयान पर सवाल उठाए और कहा कि इससे देश के अंदर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है।


वैश्विक बाजार पर प्रभाव

इन घटनाओं का असर वैश्विक बाजार पर भी देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे शेयर बाजार में हल्की तेजी आई। हालांकि, होर्मुज जलमार्ग के पूरी तरह खुलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं हो पाई है।


ट्रंप के दावे और ईरान का खंडन

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को अस्थायी रूप से रोकने के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने समृद्ध यूरेनियम सौंपने पर सहमति दी है। लेकिन ईरान ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है और कहा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है।


नए कानून की तैयारी

इस बीच, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने बताया कि संसद एक नया मसौदा कानून तैयार कर रही है। इसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाया जा सकता है, ताकि इस मार्ग की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।


इजराइल-लेबनान मुद्दे पर ट्रंप का बयान

ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि इजराइल लेबनान पर बमबारी बंद कर देगा। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने अपने संदेश के अंत में "बहुत हो गया" कहकर स्थिति की गंभीरता को दर्शाने की कोशिश की।