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ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं बढ़ीं

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की संभावनाएं बढ़ रही हैं, जिसमें ईरान ने अमेरिका की कुछ शर्तों को मानने का दावा किया है। हालिया युद्धविराम के समाप्त होने के साथ, दोनों पक्षों पर समझौते का दबाव है। ईरानी संसद के स्पीकर ने कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण बरकरार है। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है।
 

ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता की उम्मीद

ईरान और अमेरिका के बीच जल्द ही दूसरे चरण की शांति वार्ता होने की संभावना जताई जा रही है। ईरान ने कहा है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अंतिम समझौते में अभी समय लगेगा। बुधवार को दो हफ्ते का युद्धविराम समाप्त होने वाला है, जिससे दोनों पक्षों पर समझौते का दबाव बढ़ गया है।


ईरान का दावा, अमेरिका ने उनकी शर्तें मानीं

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने बताया कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी सहमति बननी बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया संघर्ष में ईरान का पक्ष मजबूत रहा है। गालिबफ के अनुसार, अमेरिका ने युद्धविराम को स्वीकार किया क्योंकि उन्होंने ईरान की शर्तों को मान लिया था।


होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण

गालिबफ ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को पूरा करने में असफल रहा है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। उनके अनुसार, बातचीत करना संघर्ष का एक तरीका है, जिससे ईरान अपने अधिकारों को मजबूती से रख सकता है।


वार्ता की तारीख अभी तय नहीं

हाल ही में इस्लामाबाद में गालिबफ और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच मुलाकात हुई थी, जो 1979 के बाद से दोनों देशों के बीच सबसे उच्च-स्तरीय संपर्क था। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक के बावजूद वार्ता के अगले दौर के लिए अभी तक कोई तारीख निर्धारित नहीं की गई है।