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ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता: बद्र अल्बुसैदी का महत्वपूर्ण बयान

ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान ने यह सुनिश्चित किया है कि वह कभी भी परमाणु बम बनाने के लिए आवश्यक सामग्री नहीं रखेगा। यह अमेरिका के साथ शांति समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अल्बुसैदी ने बातचीत में हुई प्रगति की सराहना की और कूटनीति को और समय देने की अपील की। आगे की वार्ताएं वियना में निर्धारित हैं, जिससे इस मुद्दे का कूटनीतिक समाधान संभव हो सकता है।
 

शांति समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण कदम


ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल्बुसैदी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान ने यह सुनिश्चित किया है कि वह कभी भी परमाणु बम बनाने के लिए आवश्यक सामग्री नहीं रखेगा। वाशिंगटन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ बैठक के बाद मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में अल्बुसैदी ने इसे एक अभूतपूर्व सफलता बताया, जिससे अमेरिका के साथ शांति समझौता अब संभव हो गया है। उन्होंने बातचीत में हुई प्रगति की सराहना की और कूटनीति को और समय देने की अपील की।


ईरान का वादा: 'कभी नहीं' का आश्वासन

अल्बुसैदी ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि समझौते में यह स्पष्ट किया गया है कि ईरान कभी भी परमाणु बम बनाने वाली सामग्री नहीं रखेगा। यह ओबामा प्रशासन के समय हुए पुराने समझौते से एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ढांचे में संवर्धित यूरेनियम के भंडारण पर रोक लगाई जाएगी, जिससे बम बनाने की संभावना समाप्त हो जाएगी।


मौजूदा स्टॉक को न्यूट्रल स्तर पर लाना

उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के मौजूदा स्टॉक को न्यूनतम स्तर पर लाया जाएगा और इसे ईंधन में परिवर्तित किया जाएगा, जो अपरिवर्तनीय होगा। अल्बुसैदी ने कहा कि समझौते में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा पूर्ण सत्यापन शामिल होगा, जिससे अमेरिकी निरीक्षकों को भी अंततः पहुंच प्राप्त हो सकती है।


ट्रंप की निराशा के बीच आशा की किरण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता की गति पर निराशा व्यक्त की है और कहा है कि वह बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं। हालांकि, अल्बुसैदी ने विश्वास जताया कि दोनों पक्ष इस समझौते को सफल बनाने के लिए गंभीर हैं।


आगे की वार्ताएं और समयसीमा

वियना में तकनीकी चर्चाएं निर्धारित हैं, जिसके बाद उच्च स्तरीय वार्ता का दूसरा दौर होगा। अल्बुसैदी ने कहा कि व्यापक राजनीतिक शर्तें जल्दी सहमत हो सकती हैं, जबकि कार्यान्वयन लगभग तीन महीनों में पूरा किया जा सकता है। उन्होंने इसे कूटनीतिक रूप से हल करने का एक ऐतिहासिक अवसर बताया।