×

ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष: जॉर्डन पर हमलों की पुष्टि

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने 11वें दिन भी जारी रखा है, जिसमें जॉर्डन पर हमलों की पुष्टि हुई है। ईरान ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि अमेरिका ने ईरान पर बमबारी की है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

संघर्ष का 11वां दिन

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने 11वें दिन भी अपनी तीव्रता बनाए रखी। दक्षिणी ईरान में तीन धमाकों की आवाज सुनाई दी। ईरान ने दावा किया है कि उसने तेहरान के आसमान में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के पिकैक्स माउंटेन को जल्द ही निशाना बनाने की चेतावनी दी है। ईरान ने जवाब में कहा है कि यदि हमला हुआ, तो युद्ध और बढ़ जाएगा।


ईरान का हमला

ईरान की सेना ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हमलों का दावा किया है। जॉर्डन में मुवाफक साल्टी एयर बेस और बहरीन के ईसा एयर बेस पर ड्रोन से हमले किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना ने जॉर्डन के बेस में अमेरिकी सैनिकों की आवासीय और कल्याणकारी इमारतों को निशाना बनाया। बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर भी गोदामों और विमानों के रखरखाव वाले शेड पर ड्रोन से हमला किया गया।


जॉर्डन पर मिसाइल हमले

जॉर्डन की सेना ने भी ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों की पुष्टि की है। सेना ने बताया कि चार मिसाइलों को रोक दिया गया, जबकि दो मिसाइलें निर्जन स्थानों पर गिरीं। इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ है। जॉर्डन के बंदरगाह शहर अकाबा में भी सायरन बजने की सूचना मिली है। इजरायल के इलात शहर से कुछ वीडियो में अकाबा के ऊपर धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है।


जॉर्डन को निशाना बनाने की वजह

जॉर्डन को ईरान द्वारा निशाना बनाने का मुख्य कारण यह है कि उसने अमेरिकी सैनिकों और विमानों को अपने देश में तैनात करने की अनुमति दी है। अमेरिका ने कई मध्य पूर्वी देशों से अपने सैनिकों को जॉर्डन भेजा है, जिससे यह ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। ईरानी सेना ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाने की बात कही है।


अमेरिका के हमले

अमेरिकी सेना ने मंगलवार की रात ईरान पर बमबारी की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तबरीज मिलिट्री बेस पर हमला किया गया। इसके अलावा खुजेस्तान प्रांत के ओमिदियेह, माहशहर और बेहबहान में धमाकों की आवाज सुनाई दी। अमेरिका ने सिरिक, चाबहार और कोनारक शहरों पर भी हमले किए। बुशहर, कंगवार और कबूदाराहंग में भी धमाकों की आवाज आई। इसके साथ ही, अमेरिकी सेना ने ईरानी कुर्दिस्तान प्रांत के बानेह शहर में पहली बार हमला किया।