×

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बातचीत में प्रगति

ईरान और ओमान के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने बताया कि अस्थायी शिपिंग रूट बनाने पर चर्चा चल रही है, जिससे जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की संभावनाएँ बढ़ रही हैं। अमेरिका द्वारा समझौता ज्ञापन के उल्लंघन के लिए मुआवज़े की शर्तों पर भी बातचीत हो रही है। इस स्थिति से तेल निर्यात बहाल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
 

ईरान और ओमान की बातचीत

भारत के लिए एडवांस्ड रूसी फाइटर जेट्स की खरीद की संभावनाएँ हमेशा सीमित रही हैं, लेकिन क्रेमलिन ने मेक इन इंडिया और तकनीकी हस्तांतरण के माध्यम से इस सौदे को आकर्षक बनाने की उम्मीद जताई थी.


जलडमरूमध्य पर स्थिति

ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने शनिवार को बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से ट्रैफ़िक को नियंत्रित करने के लिए ओमान के साथ हुई सहमति का मतलब यह नहीं है कि यह रणनीतिक जलमार्ग फिर से खोला जाएगा. तेहरान और मस्कट अभी भी एक अस्थायी शिपिंग रूट पर बातचीत कर रहे हैं. IRIB न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अरागची ने कहा कि तकनीकी जटिलताओं के कारण अस्थायी रूट पर काम चल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष अंतिम परिणाम के करीब हैं, लेकिन जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अतिरिक्त शर्तें आवश्यक होंगी.


संभावित समझौते की दिशा

अरागची ने स्पष्ट किया कि यह कदम होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का संकेत नहीं है और इसके लिए अमेरिका द्वारा समझौता ज्ञापन के उल्लंघन के लिए मुआवज़े की आवश्यकता होगी. अल जज़ीरा के अनुसार, उन्होंने कहा कि तेहरान इस्लामाबाद में पहले हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन की धारा 5 को लागू कर रहा था, जिसके तहत ट्रैफ़िक के सामान्य होने की उम्मीद एक महीने के भीतर थी. उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका द्वारा नए रास्ते बनाने की कोशिशों के बावजूद, ट्रैफ़िक "दो हफ़्तों के भीतर सामान्य स्थिति के 60 प्रतिशत" तक पहुँच गया था.


आगे की बातचीत

अरागची ने कहा कि मौजूदा बातचीत अस्थायी शिपिंग रूट बनाने पर केंद्रित है, जो भविष्य में स्थायी व्यवस्था का आधार बन सकता है. यह बयान उस समय आया है जब एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच बातचीत में प्रगति हुई है, जिससे होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और पिछले पांच महीनों से रुके हुए तेल निर्यात को बहाल करने का रास्ता साफ हो सकता है. रॉयटर्स के अनुसार, वॉशिंगटन को उम्मीद है कि इस जलमार्ग से जुड़े दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई समझौता होगा, जिससे सामान्य कमर्शियल तेल शिपमेंट फिर से शुरू हो सकेंगे.