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ईरान का UAE के तेल टैंकरों पर हमला: एक भारतीय नाविक की मौत और बढ़ता तनाव

सोमवार रात को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा किए गए हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई और आठ अन्य लोग घायल हो गए। UAE ने इस हमले की पुष्टि की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह घटना हुई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। जानें इस हमले के पीछे की कहानी और इसके संभावित परिणामों के बारे में।
 

नई दिल्ली में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में हमला


नई दिल्ली: सोमवार की रात, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक गंभीर घटना घटी, जब ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों पर हमला किया। इस हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए, जिनमें से छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।


UAE ने हमले की आधिकारिक पुष्टि की

संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके झंडे वाले दो टैंकर, 'मोम्बासा' और 'बहिया', पर मिसाइलों से हमला किया गया। मंत्रालय ने बताया कि 'मोम्बासा' पर तैनात एक भारतीय नाविक की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य चालक दल के सदस्य घायल हुए हैं।


भारत के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गईं

UAE के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने कहा कि वे अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने मृतक भारतीय नाविक के परिवार और भारत सरकार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।


ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को 'गार्जियन' बताते हुए वहां से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत टोल लगाने की घोषणा की थी। उनका कहना है कि अमेरिका जहाजों को सुरक्षा प्रदान करेगा और इसके बदले शुल्क वसूलेगा।


हॉर्मुज में सैन्य गतिविधियों में वृद्धि

सूत्रों के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हॉर्मुज क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है। इसके जवाब में, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री निगरानी और नाकेबंदी फिर से शुरू करने की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई मुख्य रूप से ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाले देशों को निशाना बनाएगी, जबकि अन्य देशों के जहाजों को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी.


इस घटना ने एक बार फिर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक चिंता का केंद्र बना दिया है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है.