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ईरान का अमेरिका पर बड़ा जवाबी हमला, खाड़ी में बढ़ी तनाव की स्थिति

ईरान ने अमेरिका के हालिया हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में एक बड़ा हमला किया है, जिसमें अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह प्रतिक्रिया फरवरी में शुरू हुए टकराव के बाद से सबसे बड़ा है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी सैन्य गतिविधियों को जारी रखा, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस बीच, अमेरिका ने भी ईरान के ठिकानों पर हमले किए हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 

ईरान का जवाबी हमला

अमेरिका के हालिया हमलों के जवाब में, ईरान ने घोषणा की है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, गोला-बारूद के डिपो और ड्रोन ढांचे को निशाना बनाया है। यह ईरान का अब तक का सबसे बड़ा प्रतिक्रिया हमला है, जो फरवरी में शुरू हुए टकराव के बाद हुआ। ये हमले तब हुए जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस साइट्स और छोटी स्पीडबोट्स पर हमले किए। ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में धमाकों की आवाज़ सुनी गई, और अधिकारियों ने बताया कि पास के केशम द्वीप पर भी हमले हुए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत, बहरीन, कतर, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर एक साथ मिसाइल और ड्रोन हमलों की योजना बनाई।


तेहरान की चेतावनी

तेहरान ने वॉशिंगटन को चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ने अपनी सैन्य गतिविधियों को जारी रखा, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ईरान ने कहा कि अगर हमले फिर से हुए, तो वह और भी कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने ओमान के डुक्म बंदरगाह पर अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को सपोर्ट और रीफ़्यूलिंग देने वाले प्लेटफ़ॉर्म पर भी हमला किया। इसके अलावा, बहरीन में शेख ईसा स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर भी हमले किए गए, जिसमें कम्युनिकेशन सिस्टम और रडार इंस्टॉलेशन को निशाना बनाया गया।


अमेरिका के नए हमले

रविवार को, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, नौसेना के जहाजों, वन-वे अटैक ड्रोन और बिना चालक वाले समुद्री ड्रोन का उपयोग करते हुए कई ठिकानों पर हमले किए। CENTCOM के अनुसार, इस ऑपरेशन में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार इंस्टॉलेशन, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के साथ-साथ नौसेना की छोटी नावों को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले नागरिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कम करना था।