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ईरान का इजरायल पर कड़ा जवाब: क्या बढ़ेगा मध्य-पूर्व का तनाव?

ईरान ने इजरायल द्वारा किए गए हालिया हमलों के बाद कड़ा जवाब देने की बात कही है, जिससे तेहरान में अस्थिरता का माहौल बन गया है। ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि देश जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इजरायल के सैन्य अभियान की योजना कई महीनों पहले बनाई गई थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह कार्रवाई पूर्व नियोजित थी। यदि ईरान अपनी चेतावनी के अनुसार प्रतिक्रिया करता है, तो क्षेत्र में व्यापक तनाव और अस्थिरता बढ़ने की संभावना है।
 

तेहरान में अस्थिरता का माहौल


नई दिल्ली: अमेरिका के सहयोग से इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो गया है। कई महत्वपूर्ण स्थलों को निशाना बनाए जाने के बाद, ईरान ने इजरायल के खिलाफ सख्त और निर्णायक प्रतिक्रिया देने का संकल्प लिया है। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में तनाव को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।


ईरान की प्रतिक्रिया

इजरायली हमलों के बाद, ईरान ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि वह चुप नहीं बैठेगा। एक ईरानी अधिकारी ने शनिवार को बताया कि देश जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और उसकी प्रतिक्रिया "दमदार" होगी। हमलों के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।


तेहरान और तब्रीज में विस्फोट

एक ईरानी अधिकारी के अनुसार, हमलों में दक्षिणी तेहरान में कई मंत्रालयों को निशाना बनाया गया। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने बताया कि देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित तब्रीज शहर में भी विस्फोटों की सूचना मिली है।


प्रत्यक्षदर्शियों ने रॉयटर्स को बताया कि हमलों के बाद तेहरान में पेट्रोल स्टेशनों पर लंबी कतारें लग गईं। कई लोग राजधानी छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाते हुए देखे गए, जिससे संभावित बड़े संघर्ष की आशंका और सार्वजनिक चिंता स्पष्ट हो रही है।


इजरायल का पूर्व नियोजित सैन्य अभियान

एक इजरायली रक्षा अधिकारी ने कहा कि इस सैन्य अभियान की योजना कई महीनों पहले बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन की शुरुआत की तारीख भी हफ्तों पहले तय कर ली गई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित रणनीति का हिस्सा थी।


मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान में लगभग 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें सैन्य अड्डे और खुफिया संस्थान शामिल थे।


क्षेत्रीय तनाव की संभावना

क्षेत्रीय तनाव बढ़ने का खतरा


हालिया घटनाक्रम दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों के सबसे गंभीर प्रत्यक्ष टकरावों में से एक माना जा रहा है। यदि ईरान अपनी चेतावनी के अनुसार जवाबी कदम उठाता है, तो पूरे क्षेत्र में व्यापक तनाव और अस्थिरता बढ़ने की संभावना है।


मध्य-पूर्व पहले से ही कई संघर्षों से जूझ रहा है, और ऐसे में ईरान-इजरायल के बीच बढ़ता टकराव एक बड़े क्षेत्रीय संकट का रूप ले सकता है।