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ईरान का कंटेनर जहाज पर हमला: ट्रंप का सीजफायर बढ़ाने का फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है, लेकिन ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर हमला कर दिया है। इस घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान आर्थिक संकट में है और जलडमरूमध्य को खुला रखना चाहता है। दोनों देशों के बीच बातचीत की योजना विफल हो गई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
 

नई दिल्ली में ट्रंप का निर्णय


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह कदम पाकिस्तान में बातचीत के असफल होने के बाद उठाया गया। ट्रंप ने कहा कि वे तेहरान से एक ठोस प्रस्ताव की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन कुछ ही घंटों बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कंटेनर जहाज पर हमला कर दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया है।


ईरानी गार्ड्स का हमला

ब्रिटिश सेना की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने जानकारी दी कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सुबह लगभग 7:55 बजे कंटेनर जहाज पर गोलीबारी की। ईरानी गनबोट ने जहाज को पहले कोई चेतावनी नहीं दी। इस हमले में जहाज को नुकसान हुआ, लेकिन कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ और पर्यावरण को भी कोई हानि नहीं पहुंची।


ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसियों फार्स और तस्नीम ने इस हमले की पुष्टि की है। फार्स ने कहा कि ईरान होर्मुज पर अपना नियंत्रण कानूनी तरीके से लागू कर रहा है, जो फारस की खाड़ी का मुंह है, जहां से विश्व का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस गुजरता है।


डोनाल्ड ट्रंप का बयान

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान आर्थिक संकट में है। उन्होंने कहा, "ईरान आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहा है। वे होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खुला रखना चाहते हैं। वे नकदी के लिए तरस रहे हैं।" ट्रंप का आरोप है कि ईरान अपनी छवि बचाने के लिए जलडमरूमध्य को बंद रखना चाहता है, जबकि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर ब्लॉकेड बनाए हुए है।


इससे पहले, अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाजों पर कार्रवाई की थी, जिसमें एक ईरानी कंटेनर जहाज को जब्त किया गया और हिंद महासागर में ईरान से जुड़े एक तेल टैंकर को रोका गया था।


दोनों पक्षों की चेतावनी

ईरान ने ट्रंप के सीजफायर बढ़ाने के ऐलान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। दोनों देशों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। पाकिस्तान में बातचीत की योजना विफल हो गई है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।


होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है, भले ही यह ईरान और ओमान के क्षेत्रीय पानी में हो। विश्वभर के शिपर्स इस पर निर्भर हैं। इस हमले से वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।