ईरान का क्लस्टर बम से इजराइल पर हमला: मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
ईरान का विनाशकारी हथियार
ईरान ने मिडिल ईस्ट में आतंक फैलाने के लिए किलर मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोन का सहारा लिया है। हाल के 24 घंटों में, ईरानी सेना ने इजराइल और अन्य खाड़ी देशों को दहलाने के लिए क्लस्टर बमों का उपयोग किया है। यह हथियार युद्ध में प्रतिबंधित है, और 120 से अधिक देशों ने इसे बैन कर रखा है, क्योंकि क्लस्टर बम एक विनाशकारी हथियार है। एक मिसाइल कई छोटे घातक बमों में बदल जाती है, जिससे भयंकर तबाही होती है। यह एक ऐसा विस्फोटक है जिसका उपयोग युद्ध में अवैध माना जाता है।
ईरान के क्लस्टर बमों का उपयोग इजराइल में तबाही मचाने के लिए किया जा रहा है, जिससे मुस्लिम वर्ल्ड में भी सनसनी फैल रही है। ये बम इजराइल की जमीन पर कोहराम मचा रहे हैं। ईरान ने अपनी मिसाइलों से इन बमों को इजराइल पर ताबड़तोड़ तरीके से दागा है। इन हमलों से इजराइल के रिहाइशी इलाकों में भीषण तबाही हो रही है, जिसकी कल्पना भी इजराइल ने नहीं की थी। क्लस्टर बमों में कई छोटे विस्फोटक होते हैं, जिन्हें सबनेशन या बमलेट कहा जाता है। ये बम लक्ष्य के करीब पहुंचने पर हवा में फटते हैं, जिससे कई बम अलग-अलग दिशाओं में गिरते हैं।
ईरान का यह बारूदी हमला इजराइल के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। ईरान ने अपने सबसे शक्तिशाली ब्रह्मास्त्र, हुर्रम शहर फोर मिसाइल का इस्तेमाल किया है, जो एक मीडियम रेंज बैलेस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता लगभग 2000 किमी है और यह 30 टन वजन की होती है। यह मिसाइल 1500 किलो के वॉर हेड ले जाने में सक्षम है। ईरान की यह युद्ध नीति अमेरिका द्वारा 50 के दशक में वियतनाम के खिलाफ अपनाई गई रणनीति के समान है।