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ईरान की चेतावनी: अमेरिकी ठिकानों पर भारी हमला संभव

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने अमेरिकी ठिकानों को चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी आक्रामकता का परिणाम भारी हमले के रूप में सामने आ सकता है। आईआरजीसी ने अपने मिसाइलों और ड्रोन की तैयारियों का भी जिक्र किया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हालिया गोलीबारी की पुष्टि की है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिकी विध्वंसक पोत सफलतापूर्वक जलमार्ग से गुजरे। जानें इस तनाव के पीछे की पूरी कहानी।
 

ईरान का कड़ा संदेश

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने शनिवार को फारस की खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी तेल टैंकरों या वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ कोई आक्रामकता की गई, तो इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी सैन्य केंद्रों और जहाजों पर "भारी हमला" होगा। आईआरजीसी की नौसेना कमान ने X पर एक पोस्ट में यह चेतावनी साझा की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रकार की आक्रामकता के गंभीर परिणाम होंगे।


आईआरजीसी की तैयारियां

इसके बाद, आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने एक अलग पोस्ट में बताया कि उनकी मिसाइलें और ड्रोन पहले से ही अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन के जहाजों को निशाना बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि वे फायरिंग के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। यह बयान होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी नौसेना और ईरानी सेना के बीच हुई हालिया गोलीबारी के बाद आया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है।


ट्रंप का बयान

गुरुवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम समझौते के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी और ईरानी नौसेना के बीच गोलीबारी की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हमले के बावजूद, तीन अमेरिकी विध्वंसक पोत सफलतापूर्वक इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजर गए। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक पोत होर्मुज जलडमरूमध्य से "बहुत सफलतापूर्वक" निकल गए, जबकि ईरानी बलों ने उन पर गोलीबारी की।