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ईरान की जवाबी कार्रवाई: अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले

ईरान ने हाल ही में अमेरिका के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिका ने पहले ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया। हॉर्मुज जलडमरूमध्य इस विवाद का मुख्य केंद्र बन गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो गई है। जानें इस घटनाक्रम के सभी पहलुओं के बारे में।
 

ईरान का जोरदार जवाब


नई दिल्ली: अमेरिकी हमलों के बाद, ईरान ने अपनी प्रतिक्रिया में मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने अमेरिका को ऐसा जवाब दिया है, जिसे वह कभी नहीं भूलेगा। ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।


जॉर्डन में मिसाइल हमले

IRGC के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन के प्रिंस हसन एयर बेस पर बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस हमले का लक्ष्य उन हैंगरों को बनाना था, जहां लंबी दूरी के RQ-4 और MQ-9 ड्रोन रखे जाते हैं। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB पर जारी बयान में कहा गया है कि इस हमले में कई ड्रोन नष्ट हुए हैं, और कुछ अमेरिकी तकनीकी कर्मियों के मारे जाने की भी सूचना है। हालांकि, अमेरिका और जॉर्डन ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।


बहरीन में ड्रोन हमले की सूचना

ईरानी मीडिया ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले की जानकारी दी है। इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जॉर्डन में हमले के बाद कई स्थानों पर सायरन बजाए गए। सरकारी टीवी के अनुसार, मफराक क्षेत्र में कुछ रॉकेटों को हवा में ही रोक दिया गया। इस प्रकार, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब अन्य देशों तक भी फैलता दिखाई दे रहा है।


अमेरिका का पहले का हमला

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब अमेरिका ने लगातार दूसरे दिन ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की। अमेरिकी बलों ने हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास IRGC के ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी दी थी कि वह जवाबी कार्रवाई न करे। ट्रंप के अनुसार, ये हमले ईरान की ओर से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कथित कोशिश और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए मिसाइल हमले के जवाब में किए गए।


हॉर्मुज जलडमरूमध्य का तनाव

हॉर्मुज जलडमरूमध्य इस विवाद का मुख्य केंद्र बन गया है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ईरान ने यहां से तेल की आवाजाही रोकने की धमकी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल तेज हो गई है। हमलों की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में वृद्धि देखी गई है। ईरान ने खाड़ी से तेल निर्यात रोकने की बात कही है, जबकि अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई और नए प्रतिबंधों की चेतावनी दी है।


IRGC ठिकानों पर अमेरिकी हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, मंगलवार दोपहर से ईरान में IRGC के ठिकानों पर हमले शुरू किए गए। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई हॉर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैन्यकर्मियों के खिलाफ कथित खतरों के जवाब में की गई। ईरानी सरकारी मीडिया ने क़ेश्म द्वीप, जास्क और सिरिक में धमाकों की आवाज सुनाई दी। दक्षिणी ईरान के जिरोफ्ट में एक नागरिक हवाई अड्डे पर हमले की भी सूचना है। इस बीच, IRGC ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसे इन हमलों का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।