ईरान की नई चेतावनी: अमेरिका और इजरायल के लिए खतरनाक हथियार का संकेत
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की धमकी
नई दिल्ली: ईरान ने हाल ही में अमेरिका और इजरायल को एक नए हथियार के बारे में चेतावनी दी है, जो उनके लिए अत्यधिक खतरनाक साबित हो सकता है। ईरान का कहना है कि यह हथियार इतना प्रभावी है कि इसके कारण दुश्मनों को 'दिल का दौरा' भी पड़ सकता है।
यह बयान उस समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तीन बिंदुओं वाले प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और ईरान की तेल पाइपलाइनों के 'विस्फोट' की संभावना जताई। इस बयानबाजी ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
ईरानी नौसेना कमांडर का बड़ा बयान
ईरान के नौसेना कमांडर शाहराम ईरानी ने कहा कि उनका देश जल्द ही अपने दुश्मनों के खिलाफ एक ऐसे हथियार का उपयोग करेगा, जिससे वे 'अत्यधिक भयभीत' हैं।
उन्होंने ट्रंप के उन बयानों का मजाक उड़ाया, जिनमें ईरान की सैन्य शक्ति को समाप्त करने का दावा किया गया था। ईरानी ने कहा कि अगर दुश्मन सोचते हैं कि वे इस संघर्ष में अपने मनमुताबिक परिणाम प्राप्त कर सकते हैं, तो यह उनकी गलतफहमी है।
ईरानी मीडिया में बयान
ईरानी मीडिया के अनुसार, शाहराम ईरानी ने कहा, "उन्होंने ईरान के खिलाफ अपने नवीनतम अकारण आक्रमण के माध्यम से अपने उद्देश्यों को जल्दी से प्राप्त करने की कोशिश की थी। सैन्य अकादमियों में अब यह धारणा एक मजाक बनकर रह गई है।"
ट्रंप के दावों पर ईरान की प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि ईरान की सेना पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की गैस पाइपलाइन और तेल ढांचा जल्द ही 'फट' सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौता होने तक प्रतिबंध जारी रहेंगे।
तेल कीमतों को लेकर ईरान की चेतावनी
ईरान ने ट्रंप के 'विस्फोट' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी चेतावनी के बावजूद कोई तेल कुआं नहीं फटा। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "तीन दिन बीत गए, कोई कुआं नहीं फटा। हम इसे बढ़ाकर 30 तक कर सकते हैं और यहाँ कुएँ का लाइव प्रसारण कर सकते हैं। इस तरह की बेकार सलाह अमेरिकी प्रशासन को बेसेंट जैसे लोगों से मिलती है, जो नाकाबंदी के सिद्धांत को बढ़ावा देते हैं और तेल की कीमत को 120 डॉलर से ऊपर ले गए। अगला पड़ाव: 140 डॉलर। मुद्दा सिद्धांत नहीं, मानसिकता है।"
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा हालात में कच्चे तेल की कीमतें 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।