ईरान की नाराजगी: अमेरिका के हमलों ने सीजफायर को तोड़ा
तेहरान की कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के निकट हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। तेहरान का कहना है कि इन हमलों ने पिछले सात हफ्तों से जारी नाजुक सीजफायर को तोड़ दिया है।
बातचीत पर असर
इससे तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को बहाल करने के लिए चल रही बातचीत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने 26 मई 2026 को होर्मोज़गान प्रांत में हुए हमलों के बाद अमेरिका पर सीजफायर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
अमेरिका का रक्षात्मक रुख
ईरानी मीडिया के अनुसार, क्षेत्र में कई धमाकों की आवाज सुनी गई। वहीं, अमेरिका ने इस कार्रवाई को रक्षात्मक बताया है। वॉशिंगटन का कहना है कि उसने मिसाइल ठिकानों और उन नावों को निशाना बनाया जो होर्मुज़ के पास बारूदी सुरंगें बिछा रही थीं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि बड़े समझौते को अंतिम रूप देने में कुछ दिन लग सकते हैं। हालांकि, पहले ईरान और अमेरिका के बीच दुश्मनी खत्म करने और होर्मुज़ से समुद्री यातायात को बहाल करने के संकेत मिले थे।
फंसे फंड की समस्या
प्रारंभिक समझौते के प्रस्ताव में 30 दिन का रोडमैप शामिल है, जिसके तहत शिपिंग रूट फिर से खोले जाएंगे और क्षेत्र में लड़ाई कम होगी। ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर बाद में चर्चा की जाएगी।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान समझौते के हिस्से के रूप में लगभग 24 अरब डॉलर के फ्रीज फंड को जारी करने की मांग कर रहा है। यह मुद्दा दोनों देशों के बीच समझौते को अंतिम रूप देने में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
लेबनान में शांति की कोशिश
ईरान ने लेबनान में भी दुश्मनी खत्म करने पर जोर दिया है। वहां अप्रैल में सीजफायर के बावजूद इजरायली सेना और हिज्बुल्लाह के बीच झड़पें जारी हैं।
तेल बाजार पर प्रभाव
फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों से शुरू हुआ यह संघर्ष ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से तेल और LNG का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
वर्तमान में यहां से यातायात सामान्य से काफी कम है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का कहना है कि पिछले 24 घंटे में 25 तेल टैंकर और व्यापारिक जहाज ईरानी अनुमति से गुजरे हैं।
ड्रोन और लड़ाकू विमान पर हमले का दावा
गौरतलब है कि गार्ड्स ने दावा किया कि ईरानी एयर डिफेंस ने एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र के ऊपर एक और ड्रोन और लड़ाकू विमान को भी निशाना बनाया गया। इस खबर के बाद तेल बाजार में हलचल तेज हो गई। सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की आशंका से ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 3.5 प्रतिशत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं।