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ईरान की नौसेना द्वारा भारतीय टैंकर पर हमला, समुद्री सुरक्षा पर चिंता

शनिवार को ईरान की नौसेना ने ओमान के उत्तर में एक भारतीय क्रूड ऑयल टैंकर पर गोलीबारी की, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। इस हमले में जग अर्णव नामक टैंकर को निशाना बनाया गया, जबकि पास में मौजूद दूसरे टैंकर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। भारतीय नौसेना इस घटना की जानकारी जुटा रही है, जबकि विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को बुलाया है। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व।
 

ईरान की नौसेना का हमला

शनिवार को, ईरान की नौसेना ने ओमान के उत्तर में एक भारतीय क्रूड ऑयल टैंकर पर गोलीबारी की। इस टैंकर में लगभग 20 लाख बैरल इराकी तेल भरा हुआ था। इस घटना ने समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं। जिन दो भारतीय जहाजों पर हमला हुआ, उनके नाम जग अर्णव और सनमार हेराल्ड हैं। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जग अर्णव पर सीधा हमला हुआ, जबकि सनमार हेराल्ड पास में था लेकिन उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा।


भारतीय नौसेना की प्रतिक्रिया

भारतीय नौसेना इस घटना की जानकारी इकट्ठा कर रही है। वर्तमान में, होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नौसेना का कोई जहाज मौजूद नहीं है, लेकिन गल्फ ऑफ ओमान में दो डिस्ट्रॉयर, एक फ्रिगेट और एक टैंकर तैनात हैं। विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली को शाम 6:30 बजे बुलाया है। भारत ने स्वतंत्र और सुरक्षित नौवहन का समर्थन किया है। अधिकारियों ने बताया कि हमले वाले टैंकर के पास एक और भारतीय टैंकर था, लेकिन उस पर कोई हमला नहीं हुआ।


होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत क्रूड ऑयल गुजरता है। भारत, गल्फ क्षेत्र से तेल आयात करने वाले प्रमुख देशों में से एक है, इसलिए इस क्षेत्र की सुरक्षा भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


ईरान और अमेरिका के बीच तनाव

ईरान ने अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के बीच भारत जैसे मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी थी, लेकिन अन्य देशों को धमकी दी जा रही थी। शुक्रवार को, ईरान ने अस्थायी रूप से जलडमरूमध्य खोलने की घोषणा की थी, जिसके बाद आठ टैंकरों का एक काफिला गुजरा था। यह अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बाद पहली बड़ी आवाजाही थी।


ट्रंप की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान ने जलडमरूमध्य खोलने पर सहमति जताई है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शांति समझौता नहीं हुआ, तो लड़ाई फिर से शुरू हो सकती है। ईरान ने अमेरिका पर अपने टैंकरों को रोकने का आरोप लगाया है।


स्थिति में और बिगड़ाव

शनिवार को स्थिति फिर से बिगड़ गई। ईरान की सेना ने कहा कि अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं कर रहा है, इसलिए जलडमरूमध्य पर सख्त नियंत्रण लगा दिया गया है। ईरानी नौसेना ने एक रेडियो संदेश भेजा कि 'सभी जहाजों का ध्यान रखें, अमेरिका ने अपनी बात नहीं मानी, इसलिए होर्मुज पूरी तरह बंद है। किसी भी देश का कोई भी जहाज गुजरने की अनुमति नहीं है।'