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ईरान के उप विदेश मंत्री की भारत यात्रा से बढ़ेगा द्विपक्षीय संबंध

ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबादी की भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों में नई मजबूती आने की संभावना है। इस यात्रा के दौरान BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में भागीदारी की जाएगी, जो दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। जानें इस कूटनीतिक मिलन के पीछे की रणनीति और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

ईरान के उप विदेश मंत्री का स्वागत

विदेश मंत्रालय के अनुसार, MEA के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बुधवार को ईरान के कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी का स्वागत किया। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक पोस्ट में बताया कि इस मुलाकात में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें हाल की घटनाएं भी शामिल थीं।


BRICS शिखर सम्मेलन में भागीदारी

ईरान के सूत्रों के अनुसार, ग़रीबाबादी BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं, जो 14-15 मई को आयोजित होने वाली है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


तेहरान की पुष्टि

तेहरान ने यह भी पुष्टि की है कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची आगामी BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत का दौरा करेंगे। यह जानकारी ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 'इंडिया टुडे ग्लोबल' के साथ एक इंटरव्यू में साझा की।


भारत की भूमिका

नई दिल्ली 14 और 15 मई को BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक की मेज़बानी कर रहा है, जो भारत की 2026 की अध्यक्षता की आधारशिला के रूप में कार्य करेगा। यह सम्मेलन भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।


अमेरिका-ईरान संबंध

यह कूटनीतिक बैठक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती शत्रुता के बीच हो रही है। सैयद अब्बास अराघची ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ कई बार संपर्क बनाए रखा है, जिसमें पश्चिम एशिया में तनाव और उसके भू-राजनीतिक परिणामों पर चर्चा की गई है।