ईरान के खिलाफ नई अमेरिकी सैन्य रणनीति: खारग द्वीप पर कब्जे की संभावना
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ईरान के खिलाफ एक नई सैन्य रणनीति विकसित कर रहा है। इस योजना में खारग द्वीप पर कब्जा करने की संभावना और तटीय क्षेत्रों पर छापे शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी की आवश्यकता है, जिससे यह स्पष्ट नहीं है कि ये योजनाएं कब लागू होंगी। जानें इस रणनीति के पीछे के उद्देश्य और संभावित प्रभाव।
Mar 29, 2026, 15:57 IST
अमेरिका की नई सैन्य योजना
वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के पांचवें सप्ताह में, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ईरान के खिलाफ एक नई सैन्य रणनीति विकसित कर रहा है। इस योजना में ईरान के महत्वपूर्ण तटीय क्षेत्रों और रणनीतिक द्वीपों पर लंबे समय तक चलने वाले जमीनी अभियानों और छापों का समावेश हो सकता है।
खोजो और नष्ट करो अभियान
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन छापों का मुख्य उद्देश्य उन हथियारों को खोजकर नष्ट करना है, जो वाणिज्यिक और सैन्य जहाजों के लिए खतरा बन सकते हैं। विशेष रूप से, होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट के तटीय क्षेत्रों को निशाना बनाने की योजना बनाई जा रही है, जिसे युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर रखा है।
खारग द्वीप पर कब्जे की संभावना
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के सबसे बड़े तेल टर्मिनल खारग द्वीप पर कब्जा करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। यह द्वीप ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पेंटागन की योजना में विशेष अभियान बल और पारंपरिक पैदल सेना के सैनिकों का उपयोग किया जा सकता है।
क्या राष्ट्रपति ट्रंप देंगे मंजूरी?
हालांकि ये सैन्य योजनाएं तैयार हैं, लेकिन रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन योजनाओं को अंतिम मंजूरी देंगे या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित जमीनी अभियान किसी पूर्ण पैमाने पर आक्रमण का हिस्सा नहीं होंगे, बल्कि ये सीमित समय के लिए किए जाने वाले रणनीतिक हमले होंगे।