ईरान के तट पर अमेरिकी सेना ने ड्रोन पोत पर हमले की कोशिश को नाकाम किया
अमेरिकी सेना की कार्रवाई
मंगलवार को अमेरिकी सेना ने जानकारी दी कि उसने इस सप्ताह ईरान के तट के निकट समुद्री क्षेत्र में एक ड्रोन पोत पर कब्जा करने की कोशिश कर रही ईरान की दो छोटी नावों पर गोलीबारी की, जिससे वे नष्ट हो गईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि ईरान की नावों ने अमेरिका के एक मानवरहित सतही पोत पर कब्जा करने का प्रयास किया, लेकिन सेना के बलपूर्वक जवाब के कारण उनकी कोशिश विफल हो गई।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान की सरकारी मीडिया ने सोमवार को बताया कि देश के दक्षिणी तट पर हॉर्मोजगान प्रांत में मछुआरों की दो नावों पर हमला हुआ है। प्रांतीय अधिकारियों के अनुसार, कई मछुआरे लापता हैं।
संघर्ष का प्रभाव
यह घटना छह महीने से चल रहे संघर्ष में गोलीबारी की एक और कड़ी है। दोनों पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के दिनों में अमेरिका ने इस महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्ग पर ईरान की पकड़ को कुछ हद तक कमजोर करने में सफलता प्राप्त की है।
राजनीतिक परिणाम
हालांकि, इस संघर्ष के कारण तेल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि हुई है, जिससे नवंबर में होने वाले अमेरिकी कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौतियाँ बढ़ गई हैं। हॉकिन्स ने बताया कि हालिया टकराव समुद्री ड्रोन 'सेलड्रोन' से संबंधित था, जो लगभग 25 फुट लंबा और स्वचालित संचालन की क्षमता वाला एक मानवरहित पोत है।
अधिकारी की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड पिछले कई वर्षों से समुद्री यातायात की निगरानी के लिए इन ड्रोन का उपयोग कर रही है। हॉर्मोजगान के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने समाचार एजेंसी 'इरना' को बताया कि सोमवार शाम फारस की खाड़ी में दो नावों पर एक 'दुश्मन ड्रोन' से हमला किया गया। हालांकि, ईरानी बलों द्वारा किसी अमेरिकी ड्रोन को कब्जे में लेने की कोशिश का कोई उल्लेख नहीं किया गया।