ईरान के नए नेता मोजतबा खामेनेई का अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप
नई दिल्ली में खामेनेई का बयान
नई दिल्ली: ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर इस्लामी गणराज्य को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया है। गुरुवार को राज्य टेलीविजन पर अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में उन्होंने कहा कि ये दोनों देश ईरान को अस्थिर करने और आंतरिक विभाजन उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं। यह संदेश ईरानी संसद मजलिस की स्थापना की वर्षगांठ के अवसर पर दिया गया था।
मोजतबा खामेनेई की बातें
मार्च में सर्वोच्च नेता का पद ग्रहण करने वाले 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई ने कहा कि युद्ध, आर्थिक प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव के बावजूद दुश्मन अपने लक्ष्यों में सफल नहीं हो सका है। अब वे देश के भीतर अशांति फैलाकर अपनी सैन्य विफलताओं की भरपाई करना चाहते हैं। इस दौरान उन्होंने ईरानी जनता से एकजुट रहने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की है।
मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह ली है, जिनकी 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल से जुड़े हमलों में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है।
अमेरिका की सैन्य कार्रवाई
इस बीच, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को तेज कर दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के चार ड्रोन को नष्ट किया, जबकि एक अन्य ड्रोन को लॉन्च होने से पहले ही उसके ठिकाने पर हमला कर नष्ट कर दिया गया। अमेरिका का दावा है कि ये ड्रोन होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खतरा बन रहे थे।
समझौते में धैर्य
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर दबाव बढ़ता रहेगा और किसी भी समझौते में जल्दबाजी नहीं की जाएगी। वहीं, ईरान ने अमेरिकी हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे उकसावे वाली कार्रवाई करार दिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है, जिसका वैश्विक स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है।