ईरान के नए नेता मोजतबा खामेनेई की रहस्यमय अनुपस्थिति: क्या है असली वजह?
मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक अनुपस्थिति
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति को एक महीना हो चुका है, लेकिन अब तक उनकी कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं हुई है। यह स्थिति रहस्य को और बढ़ा रही है कि आखिर क्यों देश का नेतृत्व करने वाला चेहरा जनता के सामने नहीं आ रहा है। इस बीच, उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि उनके नाम से कई बयान जारी किए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित किया गया, लेकिन उनकी खुद की अनुपस्थिति सवाल खड़े कर रही है।
स्वास्थ्य को लेकर उठ रही चिंताएं
मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता बने लगभग एक महीना हो चुका है, लेकिन उन्होंने अब तक कोई सार्वजनिक उपस्थिति नहीं की है। उनकी इस दूरी ने उनके स्वास्थ्य और ठिकाने को लेकर अटकलों को जन्म दिया है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि वह गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि अन्य में यह भी दावा किया गया है कि उनका इलाज विदेश में चल रहा है।
रूस के राजदूत का बयान
इन अटकलों के बीच, ईरान में रूस के राजदूत एलेक्सी डेडोव ने स्पष्ट किया है कि मोजतबा खामेनेई ईरान में ही हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि "समझने योग्य कारणों" से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहे हैं। इस बयान के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि आखिर कौन से कारण हैं, जिनकी वजह से एक सर्वोच्च नेता जनता के सामने नहीं आ पा रहा।
पिता की मृत्यु के बाद सत्ता परिवर्तन
मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह ली है, जिनकी फरवरी के अंत में हमलों के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद ही देश की सत्ता उनके हाथों में आई। हालांकि, अमेरिका का दावा है कि नए नेता खुद भी हमलों में घायल हुए थे और संभव है कि उनके चेहरे को गंभीर नुकसान पहुंचा हो। यही वजह मानी जा रही है कि वह सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं।
मॉस्को में इलाज की अटकलें
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर मोजतबा खामेनेई को इलाज के लिए मॉस्को ले जाया गया था। हालांकि रूस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई, लेकिन दोनों देशों के करीबी रिश्तों को देखते हुए इस तरह की चर्चाएं तेज हो गईं। रूस और ईरान के बीच हाल के वर्षों में रणनीतिक सहयोग बढ़ा है, जिससे यह अटकलें और मजबूत हुईं कि संकट के समय रूस ईरान के नेतृत्व के साथ खड़ा है।
समर्थकों का उत्साह
नेता की अनुपस्थिति के बावजूद ईरान में उनके समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। पिछले महीने हजारों लोग सड़कों पर उतरकर उनके प्रति वफादारी जताते नजर आए। यह दिखाता है कि देश के अंदर सत्ता को लेकर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश जारी है। फिर भी, सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब देश युद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है, तब असल में फैसले कौन ले रहा है?
पर्दे के पीछे का प्रभाव
मोजतबा खामेनेई लंबे समय तक अपने पिता के शासन में पर्दे के पीछे रहकर प्रभाव डालते रहे हैं। उन्होंने कभी भी खुलकर सार्वजनिक जीवन में भूमिका नहीं निभाई। अब जब वह सर्वोच्च पद पर हैं, तब भी उनकी यही शैली जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में सत्ता सिर्फ एक व्यक्ति के हाथ में नहीं, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों और संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए संचालित होती है। ऐसे में नेता की अनुपस्थिति के बावजूद शासन चलता रह सकता है।