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ईरान के नेता अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम विदाई: भावुक पल और श्रद्धांजलि समारोह

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम विदाई समारोह में भावुक क्षण देखने को मिले। हजारों लोगों ने उन्हें अंतिम सलाम दिया, जबकि एक छोटे ताबूत ने सभी का ध्यान खींचा। खामेनेई की मृत्यु अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में हुई थी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल लोग अमेरिका विरोधी नारे लगाते नजर आए। जानें इस भावुक पल के बारे में और भी जानकारी।
 

अयातुल्ला खामेनेई की अंतिम विदाई


नई दिल्ली: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विदाई समारोह में एक दिल दहला देने वाला दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। हजारों लोग उन्हें अंतिम सलाम देने के लिए आए थे, लेकिन एक छोटे ताबूत ने सभी का ध्यान खींचा, जो खामेनेई के पार्थिव शरीर के पास रखा गया था। यह ताबूत उनकी 14 महीने की पोती का था, जो हाल ही में एक हमले में मारी गई थी।


हवाई हमलों में हुई खामेनेई की मौत

रिपोर्टों के अनुसार, खामेनेई की मृत्यु 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में हुई थी। उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को शुक्रवार को तेहरान लाया गया, जहां इसे इस्लामिक गणराज्य के राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया। ताबूत पर उनकी पहचान के प्रतीक के रूप में काली पगड़ी भी रखी गई थी। इसके अलावा, हमले में मारे गए उनके परिवार के अन्य सदस्यों के पार्थिव शरीर भी समारोह में शामिल थे।


श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन

अंतिम संस्कार के तहत ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में कई दिनों तक सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर के बाहर शुक्रवार शाम से ही बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे थे। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में करोड़ों लोग इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग ले सकते हैं।


अमेरिका विरोधी नारों की गूंज

श्रद्धांजलि समारोह में शामिल लोगों के हाथों में लाल रंग के बैनर थे, जिन्हें प्रतिरोध और बदले का प्रतीक माना गया। भीड़ ने अमेरिका विरोधी नारे भी लगाए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच, बड़ी संख्या में समर्थकों ने अपने नेता को अंतिम विदाई दी।


इस अवसर पर ईरान के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ भावुक नजर आए, जबकि आईआरजीसी के नए कमांडर अहमद वाहिदी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल हुए। खामेनेई का पार्थिव शरीर कुछ दिनों तक तेहरान में रखा जाएगा, इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और धार्मिक महत्व वाले शहरों के दौरे के बाद उनके गृह नगर मशहद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।